० - शून्य से अनन्त तक - \infty
० - शून्य से अनन्त तक - \infty
प्रारम्भ है, सफर है विकास का
शून्य से अनन्त तक !
शून्य से शुरू हुआ... बढ़ रहा हरेक पल ।
बूंद-बूंद जुड़ रहा, चल रहा मैं चल रहा,
शून्य से अनन्त तक ।
शून्य से शुरू हुआ, अनन्त पर खत्म हुआ,
यह मेरा प्रवाह है, यह मेरा प्रयास है ।
आत्म बल मेरा आत्मबल ।
रुका न था, रुका न हूँ ना रुकूँगा मैं,
यह मेरा आत्मबल ।
चल रहा मैं चल रहा शून्य से अनन्त तक ।
शून्य के आगे जुड़ गया, तो मैं शून्य की पहचान हूँ,
मेरे पीछे बढ़ता शून्य, हो रहा मैं बलवान हूँ ।
यह सफर है अनन्त का - \infty
चल रहा मैं चल रहा - शून्य से अनन्त तक ।
भाग्य बदलेगा या नहीं क्या पता
समय बदलता है, ये हमें पता ।
हर पल ये बता रहा मैं बढ़ रहा ।
देख मेरी मंजिलें है कितनी पास,
विजयी मैं बनूँगा यही मेरा प्रयास ।
चल रहा मैं चल रहा, शून्य से अनन्त तक ॥
