जीवन एक धारा है
जीवन एक धारा है
जीवन एक धारा है, बहता ही जाता,
शान्ति, स्थिरता, संतोष संग लाता।
मौज में बहना, उस पार न जाना,
कल की चिंता छोड़, आज को अपनाना।
आज ही जी लेना सारा जीवन,
हँसी-खुशी से भर लेना हर क्षण।
क्योंकि जीवन धारा-सा बहता जाए,
जो थमे वही खुद को ही रुलाए।
क्या चिंता राह में रोक पाएगी?
क्या अधिक पाकर प्यास मिट जाएगी?
जीवन क्या है — आना और जाना,
हँस लिया जिसने, वही पहचान।
मत परवाह कर उनकी जो टोकें,
चिंता में मत जल, दिन सबके झोंकें।
बोझ यदि मन में, कैसे जिएगा?
खुद ही बढ़ाकर खुद को सताएगा।
बह जाने दे मन का सारा भार,
स्थिर मन में ही बसता है सार।
उलझन में भटके कितने ही लोग,
मत सोच खोना, मत सोच भोग।
जीवन एक धारा है, बहते जाना,
यही सत्य है, यही समझ पाना।
