पराई औरत
पराई औरत
तुम्हारी सारी तस्वीरें मैंने आदिल को दिखा दी है!
तस्वीरें, कौन सी?
वही जो तुमने मुझे भेजी थी! कुछ जो क़ायदे में थीं और कुछ जो बेकायदा थीं!
क्या? तुम्हें ऐसा न करना चाहिए था, मैंने तो तुम्हें वो तस्वीरे इसलिये भेजी थी कि मुझे तुमसे इश्क़ है, और कुछ ही दिनों में हम दोनों निकाह पढ़ने वाले थे! पता नही आदिल अब मेरे बारे में क्या सोचता होगा, मैं तो शर्म से गड़ी जा रहीं हूँ!
सोचेगा क्या, कह रहा था कि तुम कितनी बेशर्म हो!
"क्या, उसने ऐसा कहा? वह खुद कौन सा पाक है? खुद की औरत के होते हुये भी किसी पराई से ताल्लुकात है उसके! पर तुम तो यूँ न थे, मेरी तस्वीरे उसे क्यूँ दिखाई! यूँ यकीन न तोड़ते मेरा, आज पूरी मर्द जात से ही भरोसा उठा दिया!
तुमसे निकाह का ख़याल तो मैं भी पाले बैठा था, पर कल ही मालूम हुआ कि आदिल की वो परायी औरत तुम ही हो! और बेफिक्र रहो आदिल से तस्वीरों का कोई ज़िक्र न हुआ है!
