पत्र
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*विषय: धन्यवाद*
हे भगवान राधे कृष्ण आपने हमें इतना दिया है।
*जामे कुटुंब समाय मैं भी भूखा ना रहूँ साधु ना भूखा जाये।*
हे भगवान राधे कृष्ण मैं मूर्ख अज्ञानी यह भी भूल गया। आपने हमें इतना बहुमूल्य जीवन प्रदान किया है। जिसे पाने के लिए देवता भी लालायित रहते है। उस जीवन को यूं ही बर्बाद कर रहा हूँ।
हे भगवान राधे कृष्ण ना जाने कैसे मैं भूल गया। जब पक्षी खाना, दाना खाते समय सौ, हजार बार अपना शीश नवाते है। परंतु हम भ्रम में जीकर शीश नवाना तो एक तरफ। हम यह कहते नहीं थकते ये हम कर रहे है।
हे भगवान राधे कृष्ण माटी की कठपुतलियों के रचयिता। हम अपने अहंकार में यह तक भूल गये है। हमारा ये जीवन किराए पर दिया गया है। हम यह भूल कर अपने आपको जीवन के रंगमंच का निर्देशक समझ रहे है। हम मोह माया में फंसकर यह भी भूल गये है। करते हों तुम नाम मेरा हो रहा है।
हे भगवन राधे कृष्ण जब से आपकी शरण में आया हूँ। तब से जीवन, व्यवहार में चमत्कारिक रूप से परिवर्तन हो रहा है। वरना मैं अज्ञानी यह भी भूल रहा हूँ।एक घड़ी आधी घड़ी में आपके नाम जपने मात्र से जन्म जन्मांतर का जीवन सफल हो जाता है।
हे भगवान राधे कृष्ण यह आपकी शरण में आने का ही प्रताप है। हमारे बिगड़े काम भी सरलता से बन रहे है।
हे भगवान राधे कृष्ण हम मूर्ख अज्ञानी ने जब भी की आप से शिकायत ही की है। यह हमारी अज्ञानता नहीं तो और क्या है।
हे भगवान राधे कृष्ण हम मूर्ख अज्ञानी जब तब अपना कटोरा लेकर आपके सम्मुख खड़े हो जाते है।
हे भगवान राधे कृष्ण हम मूर्ख अज्ञानी बुरे व्यसन में ही फंस कर रह गये।
हे भगवान राधे कृष्ण जिसके कारण हम यह भी भूल गये। हमारी माटी की देह एक दिन माटी में ही मिल जाएगी।
हे भगवान राधे कृष्ण हम मायावी संसार में यह तक भूल जाते है। एक दिन हमें भी अपने घर मूल निवास स्थान पर लौट जाना है।
हे भगवान राधे कृष्ण हमने जन्म भी धोखे से प्राप्त किया है।
हे भगवान राधे कृष्ण हमने जन्म लेने के लिए भी झूठ बोला है।
हे भगवान राधे कृष्ण हमने जन्म लेते समय यह झूठ बोला था। जब में जन्म ले लूंगा तब आपके नाम का प्रचार प्रसार करूंगा।परंतु मायावी संसार में आंखें खोलते ही सबसे पहले आपको भूल गया।
हे भगवन राधे कृष्ण लेकिन कहते है देर आए दुरुस्त आए। अब आपकी शरण में लोट आने पर हमें यह समझ में आ गया है।
हमें सदैव आपको धन्यवाद करना चाहिए। जिनके नाम मात्र से यह सब कुछ हो रहा है।
हे भगवान राधे कृष्ण इस भौतिक संसार में यह बात समझ आ रही है। भोजन हर कोई करता है। एक नहीं दिन में कई बार करता है। परंतु भजन करने से कतराते है। जो भजन करता भी है वह भी पैसे कमाने के लिये करता है। परंतु आपकी शरण में आने से यह भी समझ में आया है। जो भी राधे कृष्ण को सच्चे दिल से आधी घड़ी भी याद कर लेता है। उसका जीवन सफल हो जाता है।
हे भगवान राधे कृष्ण आपके प्रताप के कारण जीवन में जो बदलाव हो रहे है।
उन सब के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद।
आपका अपना भक्त
