STORYMIRROR

Sarita Dikshit

Abstract Classics

4  

Sarita Dikshit

Abstract Classics

बसंत ऋतु का आगमन

बसंत ऋतु का आगमन

1 min
261

मधुऋतु बसंत का हुआ आगमन

गूंजे उपवन में कोकिल स्वर

कलकल करती नदियां झूमें

भंवरे मंडराएं पुष्पों पर


कोमल पर्णो से सजे वृक्ष

सुरभित समीर की मधुर तान

सरसों के पीले फूल खिले 

हरियाली का पहने परिधान


फागुन की बयारें आई हैं

मदमस्त हृदय खोता सुध-बुध

स्वागत करने कुसुमाकर का

प्रकृति ने भेष धरा अदभुत।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract