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Dr Baman Chandra Dixit

Abstract

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Dr Baman Chandra Dixit

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मत पूछो मुझसे

मत पूछो मुझसे

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मत पूछो मुझसे बोल सकता नहीं

बात यह नहीं की मैं जानता नहीं।।


एक साँस की भी बड़ी किल्लत है यहाँ

बात यह नहीं की जीना चाहता नहीं।।


मगर मगर में कभी डगर बिसर जाते

वो कहते हैं की चलना जानता नहीं।।


जिन्हें सुनने के लिए चुप बैठा हूँ मैं

वो कहते हैं की बोलना जानता नहीं।।


आग जलाने की जिद्द पे कायम हैं वो

क्या पानी से बर्फ पिघलता नहीं ?


उनकी नज़र में तो नासमझ हूँ मैं

कैसे कह दूँ की वो समझते नहीं।।


कैद कलम ढीली उंगलियों को देख

वो कहते हैं की लिखना जानता नहीं।।


सिखाने वाले बहुत सीखता रोज नई

लेकिन लगता बामन कुछ भी जानता नहीं।।


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