मतलब के मुताबिक
मतलब के मुताबिक
जिनके मतलब के मुताबिक मैं नहीं निकला
वो छोड़ चलदिए उधर मैं इधर चल निकला ।।
फासलें बढ़ी तो क्या नज़दीकी होगी तो कहीं
जिसे खोजते नहीं हैं वो , उसे ढूंढने मैं निकला।।
हर सवाल पे बवाल , करना आदत है उनकी
बवालों के बीच मैं चला , हल ढूंढने निकला ।।
जंग जारी है हर तरफ , जल , थल , नभ में भी
जुबानी जंग बेमतलब , आज संसद से निकला ।।
लाख सीखाया कौए को , कुछ तो मधुर बोलो
जो भी बोली वो बोला , स्वर कर्कश ही निकला ।।
मल हो या फिर मैल , शरीर का दुश्मन है दोनों
रिश्ता रखना तो होगा , सोचते हुए मै निकला ।।
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