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प्रीति शर्मा "पूर्णिमा

Classics Inspirational

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प्रीति शर्मा "पूर्णिमा

Classics Inspirational

"घूंघट"

"घूंघट"

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घूंघट में गोरी झांके,

नैना चंचल कजरारे।

आई पिया के संग में

दिल में सकुचाहट धारे।।


घूंघट के मतलब बहुतेरे

कम दिखना पर ज्यादा देखना

 चंचल मन काबू में रखना।

घूंघट सिखाये एक सीमा है रे।।


पर्दा है लाज हया का नाम

बड़ों से ना कुछ कहना-बोलना।

नये परिवेश में ढलना,समझना।

घूंघट तो समन्वय सिखाये रे।।


घूंघट नवदुल्हन का गहना

चन्द्रमुख जैसे बादल से ढकना।

रूप-सौन्दर्य सोने पै सुहागा होना।

घूंघट वनवधु का आभास जगाये रे।


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