ब्रोनी
ब्रोनी
हमारा नियारा ब्रोनी पप्पी,
बहुत ही प्यारा वह फुर्तीला।
वफादार वह सबका साथी,
ब्रोनी मस्त बड़ा रंगीला।।
चाहे जितनी निद्रा आए,
आहट सुनकर तुरत जागता।
अपने मालिक के कहने पर,
तीव्र वेग से तुरत भागता।।
दिन भर घर की रखवाली कर,
अपना वह कर्तव्य निभाता।
चोरी करने वाला उसको,
कभी नहीं चकमा दे पाता।।
अनहोनी होने से पहले,
भोंक-भोंक कर वह समझाता।
हो अपराधी अगर कैसा भी,
तुरंत ही उसका पता लगाता।।
जहां भूकंप के झटके आते,
वहां से फौरन दौड़ लगाता।
जहां सुरक्षित उसको दिखता,
उसी जगह पर वह रुक जाता। ।
बुद्धिमान वह स्वान हमारा,
वह एक प्राणी सबका दुलारा।
सच्चा मित्र वही एक कैसा,
जिसे ना प्यारा धन और पैसा। ।
