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Vijaykant Verma

Romance

3  

Vijaykant Verma

Romance

प्यार की चाहत

प्यार की चाहत

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काश कोई तो होता 

जो प्यार मुझे भी करता..!

जो दिल में मुझे भी बसाता

पलकों पर मुझे भी बिठाता

इंतजार मेरा भी करता

काश कोई तो होता

जो प्यार मुझे भी करता..!


काश कोई तो होता

जो मुझ पर जान भी देता

नैनों से नैन मिलाता

एतबार भी मुझ पर करता

काश कोई तो होता

जो प्यार मुझे भी करता..!


जब दूर रहूँ मैं उससे

कहीं ढूंढे नज़र न आऊँ

भीगे उसके नयनों में मैं

बारिश बन कर आऊँ

काश किसी के सपनों का

श्रृंगार मैं भी होता

काश कोई तो होता

जो प्यार मुझे भी करता..!


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