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Vijaykant Verma

Inspirational

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Vijaykant Verma

Inspirational

रिश्तों की समझ

रिश्तों की समझ

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सुबह हो या शाम

दोनों की है अपनी पहचान

अगर सुबह सपने दिखाती है

तो शाम एक सबक सिखाती है

सपनें और सबक,

इनमें एक गहरा रिश्ता है

जिसने इस रिश्ते को समझ लिया

जीवन के हर दुख से

वो मुक्त हो गया

और संसार रूपी इस भवसागर से

तर गया...!


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