मां
मां
मां की ममता का क्या मोल
मां की ममता है अनमोल
ईश्वर का स्वरूप है मां
देवी का कोई रूप है मां
कितने कष्टों को सह कर भी
अपने बच्चे को हर सुख देती मां
माना मां आज तेरे प्यार से महरूम हूं
तन से तुझसे आज में इतना दूर हूं
चाह कर भी तुझतक नहीं पहुंच सकती
पर दिल में तू बसी है मेरे मां
सिर पर तेरा आशीर्वाद है
हर सुख दुख में तू मेरे साथ है
रब को कभी नहीं देखा मैने
मेरे लिए तो रब का रूप तू है मां।
