क्या करेगा तू बता
क्या करेगा तू बता
क्या करेगा तू बता, सबसे बड़ा धनवान बन,
है अगर बनना तुझे कुछ आदमी, इनसान बन।
चल कि चलता देखकर तुझको, सहम जाए अचल,
सिर झुकाना ही पड़े, ऐसी न कोई चाल चल।।
कर्म का अपने, ढिंढोरा पीटना बेकार है,
हाथ में लेकर तुला, इतिहास जब तैयार है।
हैं बुलाते मुक्त मन, संसार के सारे चमन,
शूल बनकर क्या करेगा, तू अमन का फूल बन।।
सारहीनों को गगन छूना, बहुत आसान है,
सारवानों से धरा की गोद का सम्मान है।
रत्न का अभिमान, सागर में कभी पलता नहीं,
आँधियों में जो उडे़, उनका पता चलता नहीं।।
बन अगर बनना तुझे है, प्यार का हिमगिरि विरल,
या खुशी की गंध बन या बन दया - दरिया तरल।
हाथ बन वह, गर्व से जिसको निहारें राखियाँ,
या कि बन कमजोर के संघर्ष की बैसाखियाँ।।
सीख मत, बनना बड़ा तू खोखले आधार से,
भाग्य से उपलब्ध वैभव या किसी अधिकार से।
प्यार से जो जीत ले, सबका हृदय, विश्वास, मन,
मूर्ति वह सत्कर्म की, सद्धर्म की साकार बन।।
