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aazam nayyar

Abstract Tragedy Inspirational

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aazam nayyar

Abstract Tragedy Inspirational

तेरी याद में डूबा दिल

तेरी याद में डूबा दिल

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ग़ज़ल 


और उससे हम प्यार करते रहे!

नफ़रतों का वो वार करते रहे 


प्यार वो तार तार करता है 

जा जिसपे हम निसार करते रहे


बोले वो इक भी बार कब मुझसे 

बात हम बार बार करते रहे


और इनकार वो लगा करने 

प्यार उससे इजहार करते रहे


नफ़रतों के कांटें बिछाते वो 

फ़ूलों की हम बहार करते रहे


वो लगे प्यार में दग़ा करने 

प्यार हम बेशुमार करते रहे


गैर नजरें दिखाते आज़म को 

प्यार का उसपे वार करते रहे।

आज़म नैय्यर 


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