प्यार कर लेना...
प्यार कर लेना...
कुछ गुनाहो का सबब
तुम खुदसे भी पुछ लिया करो
जरुरी नही की सारी तेरी अदाओ का जिक्र
मे खुद ही बयाँ कर दूँ
निगाहो का इश्क़ कभी
मेरी चुप्पी मे भी सुन लो
जरुरी नही के हर तराना
मै शायरी मे बया कर दूँ
कुछ हसरते मेरी अधूरी लगे अगर
तो दिल की कसक को समझ लेना
इश्क़ के सफर में मेरे तन्हा दिल से
तू भी प्यार कर लेना।

