STORYMIRROR

Sunayana Borude

Fantasy

3  

Sunayana Borude

Fantasy

प्यार का उधार 2

प्यार का उधार 2

1 min
345

इशारों की अनसूलझी पहेलिया

उधार है तुम पे

गुफ्तगु मे किया जिक्र

उधार है तुम पे 


हम ने तो भरी महफिल में कर दिया इझहार

तुमने मुह फेर के अनदेखा कर दिया मेरा प्यार

वो लफ्ज अधुरे इजहार के

उधार है तुम पे


वो मौसम तन्हा इकरार के 

उधार है तुम पे।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Fantasy