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Prateek choraria

Inspirational

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Prateek choraria

Inspirational

तू धधकती आग है

तू धधकती आग है

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ना डर पनपते झोंकों से तू एक जलता चिराग है

तू बुझती चिंगारी नहीं तू एक धधकती आग है

किस्मत नहीं बनाती किसी एक कलाकार को

जो कला को साथ ले बढ़े वहीं बनता कलाकार है।


शौर्य को सम्भाल तू, उचित समय भी आयेगा

तू चोट मारकर तो देख, पर्वत भी टूट जाएगा

तोड़ सब तू बेड़ियां, समय को बता दे वक़्त तू

उठा कलम तू लिख ज़रा, बदलाव तू ही लाएगा।


किस्मत भरोसे तू नहीं, लकीरें मेहनत से बना

हरा दे खुद को जंग में, एक विजेता बनकर दिखा

जिक्र हो तेरा नाम से, ऐसी पहचान हो तेरी

उकेर कहानी पन्ने पर, ख्वाब निःसंकोच तू बना।


पर लगा तू उड़ ज़रा पांव रख ज़मीन पर

सोच ना बस कर भरोसा तू अपने करीम पर

दर्द को बस भूल कर मरहम लगा तू चोट पर

मोल ना खुद की औकात को, अडग खड़ा ज़मीर पर।


उठा कलम तू लिख ज़रा, बदलाव तू ही लाएगा

तू चोट मारकर तो देख, पर्वत भी टूट जाएगा

उठा कलम तू लिख ज़रा, बदलाव तू ही लाएगा

तू चोट मारकर तो देख, पर्वत भी टूट जाएगा


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