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Prakash Chavhan

Romance Fantasy

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Prakash Chavhan

Romance Fantasy

जीत गुलाबांची गडे

जीत गुलाबांची गडे

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राहिली ना मनात 

जीत गुलाबांची गडे 

हेतू भेटीला सुकून

थव दिसला जीवनाचं 

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ताज दवांची ओढून 

करतो सोंदर्याचे वारं 

भुलावतो सभोवार 

सुवासिक आनंदाचं लोभ 

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भोंवर फिरतो भारावून 

रूप तनातलं जीवाड 

रान भावनांचे भरली 

सोवळं पिकलं प्रेमाचं 

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चारू चालते वेळ 

राज्य सुमनांच्या जगुनी 

हुर्दय मुरीद संगतीत

जग दिसते सुंदर 

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कोश परितोषाची फुलं 

शुभ कार्यी शोभवते 

राजस प्रेमाचं प्रतीक

भेटीचं विशेष सय देऊन जाते  

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