जीत गुलाबांची गडे
जीत गुलाबांची गडे
राहिली ना मनात
जीत गुलाबांची गडे
हेतू भेटीला सुकून
थव दिसला जीवनाचं
----------------------------------------
ताज दवांची ओढून
करतो सोंदर्याचे वारं
भुलावतो सभोवार
सुवासिक आनंदाचं लोभ
----------------------------------------
भोंवर फिरतो भारावून
रूप तनातलं जीवाड
रान भावनांचे भरली
सोवळं पिकलं प्रेमाचं
----------------------------------------
चारू चालते वेळ
राज्य सुमनांच्या जगुनी
हुर्दय मुरीद संगतीत
जग दिसते सुंदर
---------------------------------------
कोश परितोषाची फुलं
शुभ कार्यी शोभवते
राजस प्रेमाचं प्रतीक
भेटीचं विशेष सय देऊन जाते
----------------------------------------

