चंद्रघण्टा
चंद्रघण्टा
भाळी चंद्रघण्टा।परीधान केला।
नाम स्वरूपाला।प्राप्त झाले॥१॥
सिंहावर रूढ। दशहस्ता देवी।
नेत्र उघडवी।तिसरासे॥२॥
दानवांचा करी।नायनाट सदा।
नमले शतदा।राक्षस रे ॥३॥
तलवार गदा। धनुष्य त्रिशुळ।
धारण कमळ।करे देवी ॥४॥
अक्षरमालाही।कमंडलू हाते।
आशीर्वाद देते।रणचंडी ॥५॥
मणिपूर चक्र। भक्त साधनेने।
मिळो उपासने। जागृतसे॥६॥
मनोभावे भक्ती। करूनी नमते ।
अनुजा पुजते। चंद्रखडा ॥७॥
