भक्तीचा तरंग
भक्तीचा तरंग
आषाढीला वारी | निघाली पंढरी |
चाले वारकरी | अनवाणी ||१||
वारीमध्ये होई | विठूचा गजर |
विठूची नजर | दिंडीवर ||२||
मुखी वारंवार | राम कृष्ण हरी |
तुळशीला धरी | डोईवर ||३||
वाजती मृदंग | वीणा, झांज, टाळ |
गळ्यामध्ये माळ | तुळशीची ||४||
पाहूनिया अश्व | नाचे रिंगणात |
आनंद उरात | भरतसे ||५||
एकादशी होई | भेटीचा उमंग |
भक्तीचा तरंग | पंढरीत ||६||
जाईन पंढरी | म्हणे गोवर्धन |
करीन दर्शन | माऊलीचे ||७||
