Dr Jogender Singh(jogi)

Tragedy


4.5  

Dr Jogender Singh(jogi)

Tragedy


वर्षगाँठ

वर्षगाँठ

4 mins 243 4 mins 243

उसके इकहरे बदन पर बादामी रंग की साड़ी खूब फब रही है । माथे पर वही छोटी सी मैचिंग बिंदी , मास्क से ढका चेहरा आधा ही नज़र आ रहा है । 

अरे आप आज कैसे ? मधुर की आवाज़ में आश्चर्य से ज़्यादा ख़ुशी फूट पड़ी । मानो शिल्पा का ही इंतज़ार कर रहा हो ।एक बार शिल्पा से नज़र मिलाकर इधर उधर देखने लगा , मानो खुद को समझा रहा हो ।एक अपराध बोध ने मधुर के चेहरे को बुझा सा दिया ।" चाय लेंगी आप ? " मधुर ने धीरे से पूछा ।

ले लूँगी !! एक उलझन भरा जवाब दिया शिल्पा ने । मानो न कहना नहीं चाहती पर हाँ कहने में जाने क्या हो जाए । 

मधुर ने एक बार फिर से चोर नज़रों से शिल्पा को देखा ।पूरी बाँह का सुन्दर ब्लाउज़ , बाल खुले कुछ बहके से , मधुर के जज़्बातों की तरह ।ओह ! आज काजल भी लगा कर आई है , शिल्पा की गहरी खूबसूरत आँखें और भी प्यारी लग रही थी ।

"एक बात बताइए ! " शिल्पा ने सीधे मधुर की आँखों में झांका । कितना अंदर तक देखती हैं उसकी आँखें । मधुर सम्मोहित सा उसको देखता रह गया । 

" सुन रहें है ना ? शिल्पा ने फिर से पूछा । 

हूँ—-, मधुर के मुँह से मुश्किल से निकला ।

आप को पता है , आकाश ने क्या किया ? 

" क्या किया ? मधुर ने अनजान बनते हुए शिल्पा को देखा ।हालाँकि उसे सब पता था कि कैसे आकाश ने निदेशक महोदय से वट्सअप पर शिकायत की थी , बड़े बाबू की शिकायत के साथ , निदेशक महोदय को भी लपेट लिया था । 

" सब को पता है , ऐसा कैसे हो सकता है कि आप को पता न हो । शिल्पा ने मानो अविश्वास से बोला । फिर सिलसिलेवार सारा क़िस्सा बताने लगी । 

आकाश ने पहले तो अर्जुन बाबू , अपने बड़े बाबू से खूब बहस की । फिर सर को लपेटते हुए खूब खरी खोटी लिख दी वट्सऐप पर ।यह देखिये सर ने मुझे फ़ॉर्वर्ड भी किया है ।

कितनी प्यारी आवाज़ है इसकी । मधुर का मन कर रहा है कि वो सुनता रहे और शिल्पा यूँ ही बोलती रहे । 

" सुन रहें हैं न आप ? कहाँ खो जाते हैं , शिल्पा ने झूठ मूठ का ग़ुस्सा दिखाया ।

"अच्छा ऐसा नहीं करना चाहिए आकाश को । ग़लत बात है । बड़े बाबू की शिकायत तो ठीक , पर निदेशक सर के लिए नहीं बोलना चाहिए । "

" वही तो मैंने भी बोला आकाश को । पर वो सुनता ही नहीं किसी की भी बात ।" शिल्पा ने अफ़सोस ज़ाहिर किया ।

"आज आप बहुत अच्छी लग रही हैं" , मधुर ने झिझकते हुए बोला ।

"थैंक्स । आज मेरी मैरिज ऐनिवर्सरी है ।" 

"अच्छा । बहुत बहुत बधाई शादी की सालगिरह की । आप से माफ़ी माँगना चाहता हूँ , अपनी सभी ग़लतियों की ।" मधुर की आँखों में आँसू आ गये और आवाज़ भर्रा गयी ।

"ऐसा कुछ भी नहीं है " , मैं सब कुछ भुला कर आगे बढ़ चुकी हूँ और गलती तो दोनों की है , सिर्फ़ आपकी थोड़े है ।" शिल्पा धीरे से मुस्कुराई दर्द भरी मुस्कुराहट ।आज शादी की वर्षगाँठ है और आपके द्वारा भेजे उस मेसेज की भी जिसने मेरे वैवाहिक जीवन को लगभग तबाह कर दिया था । मुझे आज भी विश्वास नहीं होता कि आप ऐसा करेंगे मेरे साथ । शिल्पा ने उदास स्वर में कहा । 

"मेरा वो मज़ाक़ इतनी तबाही ला देगा , मुझे भी अंदाज़ा नहीं था । " मैंने तो बस आप को चिढाने के लिए किया था , आप मुझे माफ़ कर दें प्लीज़ " मधुर गिड़गिड़ाया । 

"माफ़ न कर दिया होता , तो आपसे बात न कर रही होती । बस एक प्रार्थना है आपसे ज़िंदगी में ऐसा मज़ाक़ किसी से न करना । " क्या पता जिस से आप ऐसा भद्दा मज़ाक़ करें वो उस मज़ाक़ की वर्षगाँठ मनाने ज़िंदा ही न हो ।" ध्यान रखियेगा । अब मैं चलती हूँ । बाई । 

"बाई ।" मुश्किल से मधुर के गले से आवाज़ निकली ।



Rate this content
Log in

More hindi story from Dr Jogender Singh(jogi)

Similar hindi story from Tragedy