Travel the path from illness to wellness with Awareness Journey. Grab your copy now!
Travel the path from illness to wellness with Awareness Journey. Grab your copy now!

komal Talati

Classics

4.7  

komal Talati

Classics

वो सतरंगी पल...

वो सतरंगी पल...

1 min
325


याद में ये दिल रवाना हो गया

आंचल में छिपना बहाना हो गया


चाँद को देख याद आए वो दिन

गोद मे तेरी सुलाना हो गया


ढुंढते रहते है तुझको हर तरफ

यह शरारतमै सताना हो गया


और तुमको ही हंसाना काम है

बात को मुझसे छिपाना हो गया


याद में जो आंखें नमी सी हो चुकी

'माँ' कि यादों का खजाना हो गया।


Rate this content
Log in

More hindi story from komal Talati

Similar hindi story from Classics