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Praveen Gola

Romance

3  

Praveen Gola

Romance

तुम्हारे ख्याल

तुम्हारे ख्याल

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अजय - हैलो , हाँ मेरी आवाज़ आ रही है ?

कृतिका - हाँ , आ रही है | मैने तुम्हे बस ये कहने के लिए फ़ोन किया है कि अब से मैने तुम पर लिखना छोड़ दिया है |

अजय (हँसते हुए) - चलो अच्छा है .... देर आये दुरुस्त आये |

(थोड़ा रुकते हुए ) पर सब ठीक तो है ना ? 

कृतिका - हाँ बाबा .... बस तुम ही तो कहते हो ना अक्सर कि अपनी रचनाओं में मुझे मत डाला करो वरना दोनों की बदनामी होगी |

अजय - हाँ , तो सही तो कहता हूँ पर तुम मेरी सुनती ही कहाँ हो | चलो अच्छा ये बताओ कि अब किसपर लिखती हो ?

कृतिका ( बहुत ही भोलेपन से ) - तुम्हारे लिए आये हुए ख्यालों पर |


उद्देश्य - सच्चा प्यार कभी खत्म नहीं होता बस उसका रुप बदलता रहता है |


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