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S N Sharma

Tragedy Inspirational

4.5  

S N Sharma

Tragedy Inspirational

सूना मंडप।

सूना मंडप।

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माली उनके दरवाजे पर अभी-अभी तोरण और बंदनवार लगा कर गया था। घर के अंदर महिलाओं की और बच्चों की चहल पहल थी। ढोलक की थाप और मंजीरे के साथ गानों की आवाज घर के खुशनुमा माहौल को और भी खुशनुमा बना रहे थे।

रीना को हल्दी लगाई जा चुकी थी। पीले वस्त्र में सजी उसकी हल्दी से रंगी हुई देह कुंदन सी चमक रही थी। वह वह वह दुबली छरहरी, बेहद कामनीय देहयष्टि की गौर वर्ण बाला है। उसके कमर तक आते लंबे काले बाल, सुराही नुमा गर्दन, चिबुक पर हल्का काला तिल, कसे हुए कमान सी भौहें ,सुंदर तराशे हुए पतले ओंठ, गालों पर पढ़ते हुए डिंपल और हिरनी सी सुंदर आंखें तथा उन्नत वक्ष स्थल उसे मेनका के समान सुंदरता प्रदान करते थे। उसे एक नजर देखने के बाद किसी को भी उसके ऊपर से नजरें हटाना बहुत मुश्किल हो जाता था।

यही सुंदरता जो उसे अति विशिष्टता देती थी, उसकी दुश्मन बन गई थी। वह जिधर भी जाती, उसके रूप के दीवाने एक तरफा प्रेम का प्रदर्शन करने में पीछे नहीं होते थे। उसके मन में हमेशा एक भय सा सा बैठा रहता था।

कॉलेज में भी लोग उससे दोस्ती करने के लिए उतावले बने रहते थे पर उसके साथ घट चुके छेड़खानी और भद्दे कमेंट उसे उन सब से दूरी बनाने के लिए विवश करते थे।

एक शाम को जब वह बाजार से सामान खरीद कर लौट रही थी, तभी अचानक एक कार उसके पास आकर रुकी और अचानक ही कार से उतरे दो युवकों ने उसे धक्का देकर कार के अंदर खींच लिया और कार अनजाने रास्तों पर दौड़ती चली गई। उसके हाथ पैर बांध दिए गए और मुंह पर टेप चिपकाने के बाद पूरे रास्ते कार में बैठे तीन लोगों ने बार बारी से उसके साथ दरिंदगी की सारी सीमाएं पार करते हुए कुकृत्य कर दिया।

बेहोशी की हालत में उसे सड़क के किनारे फेंक कर वे लोग चले गए।

होश में आने के बाद रीना किसी तरीके से गिरती पड़ती अपने घर पहुंची। घर जाकर उसने अपनी मां को सारा घटनाक्रम बताया। मां ने बदनामी के डर से उसे चुप रहने को कहा। और इस तरीके से इस घटना को हुए लगभग 3 महीने बीत गए।

इस घटना ने रीना को बुरी तरीके से तोड़ दिया। उसे अपने शरीर से घिन आती थी उसे हमेशा ऐसे महसूस होता था जैसे लिजलिजे से कीड़े उसके शरीर पर सांप की तरह लगातार चलते रहते हो। वह तो पहले ही गुमसुम रहती थी अब उसके जीवन में जैसे वीरानगी छा गई थी।

उसकी मां उस पिता बिहीन बालिका की अब जल्दी से जल्दी शादी कर देना चाहती थी ताकि उन्हें इस बंधन से और चिंता से मुक्ति मिल जाए।

उस बेहद सुंदर लड़की के लिए रिश्ता मिलने में कोई परेशानी नहीं हुई। समीर एक संपन्न परिवार का इकलौता लड़का था ।उसकी मां उसके लिए जिस सुंदर बहू की कल्पना किए हुए थी वह रीना के सिवा कोई दूसरी लड़की हो ही नहीं सकती थी। इसलिए उन्होंने अपनी तरफ से विवाह के लिए प्रस्ताव उनके घर पहुंचवा दिया था और रीना की मां ने इसे सहर्ष स्वीकार कर लिया था।

रीना विवाह के पहले ही अपने साथ हुए रेप को अपने होने वाले पति समीर को बता देना चाहती थी ।पर उसकी मां ने उसे समझा दिया था की इस तरीके की बातें एक बार यदि पति को पता चल जाए ,तो फिर उसे लड़की का कोई सम्मान नहीं रह जाता। इसलिए मजबूरी में स्त्रियां हमेशा इस तरीके की घटनाक्रम को छुपा कर ही रखती हैं और इसे कभी भी किसी के सामने प्रकट नहीं होने देती। इसलिए रीना भी मां की बात को मानकर मन मशोस कर चुप रह गई थी। पर उसे हमेशा इस घटना के खुल जाने का डर लगा रहता था।

अगले रोज बारात समय से उनके दरवाजे पर आ गई दूल्हे की समृद्धता का अनुमान उस आलीशान बारात को देखकर कोई भी लगा सकता था।

बारात जैसे ही दरवाजे तक पहुंची ,तभी समीर के पापा के पास किसी अनजान नंबर से व्हाट्सएप पर एक वीडियो आया आया जिसमें रीना के साथ कार में किए गए रेप की सारी घटना रिकार्ड थी। समीर के पापा ने उसी वक्त बारात को रुकवा दिया और अपने बेटे को तथा बारात को लेकर वह वापस जाने लगे।समीर को भी बड़ी हैरानी हो रही थी कि आखिर ऐसा क्या हो गया जो पापा इस तरीके से व्यवहार कर रहे हैं।

रीना की मां ने जब समीर के पापा से धड़कते दिल से बारात वापस ले जाने का कारण जानना चाहा ,तो गुस्से से तिलमिलाते समीर के पापा ने कहा

" आपकी बेटी कुलटा है कुलटा!!!और यदि आप देखना ही चाहती हैं तो वह वीडियो मैंआपको भी फॉरवर्ड कर दूंगा जो मुझे अभी अभी प्राप्त हुआ है ।आप मुझे बिना बताए मक्खी खिलाने का अपराध कर रही थी। इसकी सजा यह है कि हमारी बारात अभी यहां से वापस जा रहे हैं और आप अपनी कुलक्छनी बेटी को अपने घर संभाल कर रखिए।"

ऐसी खबरें कभी छुपती नहीं है।लोग बड़े चटकारे ले लेकर इस घटना का काल्पनिक विशद वर्णन एक दूसरे को सुना रहे थे।

रीना की मां घटना के बाद बेहोश होकर दरवाजे पर ही गिर पड़ी थी। रीना का संसार तो पहले ही हो जा चुका था उजड़ चुका था पर आज सामाजिक तौर पर वह बुरी तरीके से जलील हो चुकी थी। वह सूनी आंखों से असहाय स्थिति में अपने कमरे में आकर पलंग पर जा गिरी।

रीना के घर में आज विवाह की जगह मातम आ पसरा था। अब बर पक्षी के लोगों के जाने के बाद वधू पक्ष के लोग भी बिना खाना खाए वापस जाने को तैयार हो गए । सभी लोग रीना के बद चलन होने का अपने-अपने हिसाब से सर्टिफिकेट दे रहे थे और उस पर भद्दे कमेंट कर रहे थे।

            तभी बारातियों में से समीर का एक दोस्त सारे घटनाक्रम को जान सुनकर तेजी से रीना के घर की ओर वापस लौटा और दरवाजे पर बेहोश पड़ी हुई रीना की मम्मी को उसने अपने हाथों में उठा करीना के कमरे की ओर ले चला।

उसने रीना की मम्मी के चेहरे पर पानी छिड़का। रीना की मम्मी को पानी छिड़कने पर होश आ गया और होश आते ही वह रूदन करने लगीं ।उनके मुंह से सिर्फ यही निकल रहा था ।

"मेरी बेकसूर बच्ची अब उसका क्या होगा? अब कौन उससे विवाह करेगा ?उसकी तो जिंदगी बर्बाद हो गई।!!"

समीर के उस दोस्त ने रीना की मां को संभालते हुए कहा "माताजी आप धैर्य रखिए! यदि रीना के साथ रेप हुआ है तो इसमें रीना की क्या गलती है!! उसका क्या कसूर है?? यदि आप उचित समझे तो मैं रीना से विवाह करने के लिए तैयार हूं।"उसने रीना की मम्मी की आंखों में देखते हुए कहा

"मेरा नाम जीवन है! मैं आपकी बिरादरी का नहीं हूं!! पर मैं एक मल्टीनैशनल कंपनी में उच्च पद पर कार्यरत हूं।"

उसने सन्निपात की सी स्थिति में बैठी रीना से पूछा!

" क्या आप मुझे पसंद कर सकेंगी ?क्या आप मुझसे विवाह कर सकेंगी?? यदि आपकी हां हो तो मैं आपसे विवाह करने के बाद अपने आप को गौरवशाली अनुभव करूंगा।"

रीना की मां ने अचरज भरी निगाहों से जीवन की तरफ देखा। तभी सहानुभूति वाकर रीना की सूनी आंखों  से होकर आंसुओं अविरल धारा वह निकली।

उसने कहा

" जीवन बाबू !!क्या आपने अभी सुना नहीं कि मेरे साथ।। तीन तीन लोगों ने रेप किया है ।मैं तो एक जूठन मात्र हूं। पूरी तरीके से अपवित्र !!!क्या तब भी यह सब जानकर आप मुझसे विवाह करने के लिए तैयार है???"

"यह सब जानकर ही तो मैं विशेषतया आपसे विवाह करने के लिए तैयार हूं।"

"लेकिन ऐसी क्या बात है की आप मुझ जैसी कुलटा से विवाह करना चाहते हैं ??"रोते हुए रीना ने पूछा।

"मेरी भी एक बहन थी !पिछले वर्ष उसे कुछ दरिंदों ने उठाकर उसके साथ भी आपकी तरह बदसलूकी कर दी थी और मरणासन्न अवस्था में उसे हमारे घर के बाहर फेंक कर चले गए थे।

समाज ने मेरी बहन को जीने नहीं दिया और रेप के 1 महीने बाद समाज के तानों से तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली !उसके गम में मेरी मां भी हार्ट अटैक से उसी दिन चल वसी। अब घर में ,मैं और मेरे पापा के अलावा और कोई नहीं है ।पापा का जीवन भी मेरी बहन के बिना एकदम सूना सूना सा हो गया है। यद्यपि पापा अब मेरे साथ ही रहते हैं ,पर मुझे उनका दर्द देखकर बहुत बुरा लगता है।"एक गहरी सांस लेते हुए उदास कर में जीवन में आगे कहा!

"आज आपको भी मेरी बहन की तरह दुखी देखकर मैंने यह दृढ़ निश्चय कर लिया कि मैं आपको इस जिल्लत की जिंदगी से छुटकारा दिलाऊंगा और आपको आपकी इज्जत के मुताबिक पूरा मान-सम्मान दिलाने का प्रयास करूंगा मैं अभी आपसे एक बार फिर पूछता हूं क्या आप मुझसे विवाह करेंगी।"

रोते हुए रीना अपना सिर हिला कर हां कहते हुए आगे बढ़कर जीवन की बाहों में समा गई।

और उस सूने मंडप में फिर से बाहर लौट आई। जीवन और रीना की शादी धूमधाम से संपन्न हुई।

  आज रीना अपने परिवार के साथ एक सुखी और भरपूर जीवन जी रही है।



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