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Neeraj Kumar Agarwal

Romance Action Inspirational

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Neeraj Kumar Agarwal

Romance Action Inspirational

शीर्षक - हम बिस्तर

शीर्षक - हम बिस्तर

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शीर्षक - हम बिस्तर

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        हमबिस्तर नाम से हमारे मन में एक नारी और‌ पुरुष के संग साथ की बात शारीरिक संबंध की चेतना वेदना को ही सोचते हैं। हम बिस्तर के साथ-साथ हम सभी जीवन में अगर इतिहास उठाकर देखें तो अब्बे हव्वा का हम सोच सकते हैं जब पृथ्वी पर जीवन नहीं था तब जीवन बनाने के लिए दो ही शब्द अब्बे हव्वा ने ही कुदरत के साथ एक दूसरे के साथ हमबिस्तर होने के साथ इंसानी जिस्म का सहयोग और जन्म हुआ। और हम सभी हमबिस्तर की सोच रखते हैं। आज समय के बदलाव के साथ आधुनिक समय में हम सभी हमबिस्तर का नाम केवल शारीरिक संबंध की राह सोचते हैं और आज के समय में हम सभी शारीरिक आकर्षण के साथ बह रहे हैं।

                हमबिस्तर के नाम से हम सभी के दिमाग में केवल एक शारीरिक मिलन और सुखद एहसास का सच ही सोचते हैं। बस यही जिंदगी और जीवन का मूल मंत्र भी है क्योंकि हमबिस्तर ही एक जीने की राह हैं। बस हम सभी अपने पराएं के साथ साथ हम आधुनिक समय में उम्र और रिश्ते भी तार तार कर चुके हैं। बस एट शब्द हमबिस्तर ही गलत राह पर सोच समझते हैं। आज हम सभी उम्र से पहले हम जवान हो रहें हैं।

                नीरज शब्दों के साथ हमबिस्तर का नाम की राह पर चलते हैं। हम सभी जानते हैं एक उम्र में कुदरत ने सभी को शारीरिक मानसिक बौद्धिक संबंध चेतना वेदना के साथ है बस एक दूसरे के पूरक हमबिस्तर ही एक नारी पुरुष की सोच यही है बस हम सभी जीवन और जिंदगी में चाहत और मोहब्बत को भी सहयोग करते हैं। और हम सभी एक मन और सोच के साथ ही हमारे सपने और इच्छाएं पूर्ण करते हैं। बस यही हर एक नारी पुरुष की हमबिस्तर होना एक सच होता है। बस हम सभी स्वार्थ और फरेब के साथ एक दूसरे को देख आंखों ही आंखों में एक दूसरे का आकर्षण होता है।

            बस जन्म देकर ही एक नारी हमबिस्तर का सच हम सभी जीवन में सच जानते हैं और हमबिस्तर ही एक जिंदगी का नर नारी का सम्मान है और जरुरत सबकी ही होती है। आज भी हम ग्रंथों का सार कर्ण की उत्पत्ति और नियोग के द्वारा जन्म लेना भी एक दूसरे शब्दों के अर्थ हमबिस्तर या शारीरिक संबंध ही जीवन की सोच होती है। हां हमबिस्तर पौराणिक कथाओं में केवल संतान उत्पत्ति के लिए हमबिस्तर होते हैं।

             आधुनिक समय में युग बदल गये और हालात के साथ साथ रिश्ते नाते तो सब कुछ मन चंचलता के साथ आज हम सभी शारीरिक पिपासा शांत और सोच हमारी अपनी अपनी रहतीं हैं। हमारी कहानी हमबिस्तर शब्दों के साथ साथ हम सभी जीवन की उमंगों के साथ साथ हम सभी जानते हैं। और ऐसे ही हम तुम दोस्त बने हैं और एक-दूसरे को शारीरिक संबंध बनाने की इजाजत और इच्छाएं रहतीं हैं। और  आओ हम तुम हमबिस्तर होने की इच्छा रखते हैं बस यही इच्छा न उम्र न बंधन की सोच रखते हैं शारीरिक चेतना के साथ साथ हंम सभी हमबिस्तर का आनंद चाहते हैं। बस यही तो जिंदगी की सोच और मन भाव है। यही आज के समय में हमबिस्तर शब्द को बदनाम करते हैं। जैसे आज कल रिश्ते हम सभी शक के नजर से सोच रखते हैं।  यही जिंदगी की कहानी और आप और हम है। हमबिस्तर की सोच हम सभी बदन सकते हैं बस हमें अपने मन की चंचलता और सोच पर नियंत्रण करना होता। इओ हमबिस्तर होते हैं।

ऐसी ही कहानियां सच के साथ पढ़ते और सुनते रहे पाकेट एफ एम के साथ बस हमारी सोच बदलनी है। स्वतंत्र विचारों के साथ हम सभी अपने अपने विचार और व्यवहार के साथ है।

ऐसी ही एक और रोमांटिक रोमांस से भरपूर कल्पना और शब्दों की राह पर चलते है

               हां हमबिस्तर के साथ ही हम सब हम सब इंसान हैं और मानवता के साथ जिंदगी जीना चाहते हैं परंतु हम सभी मन की चंचलता  के साथ अपने मन भावनाओं पर काबू नहीं रख पाते हैं। और समय के अनुसार जीवन के सच को भूल जाते है। सच तो जीवन का एक जन्म और मरण है और आज स्वैच्छिक कहानी के अंतर्गत शमशान के शीर्षक से हमने कहानी ली है और सच के साथ हम कल्पना को साकार करने का प्रयास कर रहे हैं आशाओं के साथ की पाठक गण जीवन के सच के रहस्य में शमशान को एक डर और भय के साथ न पढ़ते हुए। एक जीवन  की हकीकत को समझने का प्रयास करेंगे।

                शमशान नाम को सुनते ही हम सभी के मन में डर उत्पन्न हो जाता है क्योंकि सब एक गलत स्थान समझते हैं। पर जीवन का एक सच और कड़वा सच है कि हम सभी को जीवन में एक न एक दिन शमशान पहुंचना है और हमारा शरीर की सुंदरता हमारा धन संपत्ति यह सब अस्थाई है हम सभी जानते हैं की जीवन का सच तो एक दिन सबको मृत्यु आनी है परंतु हम सभी इस बात पर अनभिज्ञ रहकर अपने जीवन में झूठ फरेब चल फरेब ईर्ष्या और सभी यह बातें हमारे कर्मों पर निर्भर करती है सच तो इंसान का साधारण जीवन उच्च विचार के साथ-साथ जरूर के अनुसार जीवन यापन करने के लिए धन संपत्ति का होना जरूरी है परंतु हम सभी अपने मां से और सोच से ज्यादा धन संपत्ति का एकत्र करना है और संपत्ति वान बनना एक महत्वपूर्ण समझते हैं। यह सच है यह सही है कि हम धन संपत्ति के बिना जीवन में बहुत से सुखचैन और आराम नहीं ले सकते परंतु यह भी सही है की हद से ज्यादा लालच और धन संपत्ति एकत्र करना भी सब कुछ ही छोड़ कर जाना है शमशान एक शमशान एक शब्द है। जैसे जीवन में जन्म मरण सौंदर्य चंचलता और हमारा मोह माया यह सब शब्द हैं और इन शब्दों का अर्थ हम बहुत सुनकर भी खुश रहते है। परंतु एक शमशान का शब्द सुनकर हम मन और जीवन में सही नहीं समझते हैं क्यों क्योंकि हम सभी जीवन में मृत्यु को अच्छा नहीं मानते हैं परंतु एक सच यह भी है हमें पता भी नहीं होता है क्या हमारा जीवन का अंत होगा और हम सभी अपने कर्मों के साथ जीवन जीते हैं और सुख-दुख भी हम अपने कर्मों के लेख से हीं पाते हैं।

              हम सभी को जीवन में एक बात नहीं होने चाहिए कि सच और कुदरत का सच हमेशा मानव जीवन के साथ समय अनुसार सब कुछ सही करता है क्योंकि हमारे जीवन में मोह माया और मन में सुख की इच्छाएं ही प्रबल होती है क्योंकि हम सब दुख और गरीबी और तरह-तरह के दुख नहीं देखना चाहते हैं। बस हम सभी सुख की कामना करते हैं। जो की एक सच नहीं है क्योंकि मानव जीवन में सभी को कभी ना कभी मृत्यु का सच देखना पड़ता है आज मैं कल आप इस तरह से जीवन का संघर्ष और जीवन की राह चलती रहती है हम सभी संसार में एक अभिनय करने के लिए आए हैं और संसार के रंग मंच में अभिनय करती है हमें अपने घर परमात्मा के पास जाना है और जो जीवन में रंगमंच पर शादी विवाह खुशी परिवार यह सब सांसारिक मोह माया है ना हमारे साथ बेटा कुछ करेगा ना हमारे साथ बेटी कुछ करेगी बस हमारे मन की सोच आज पड़ोस के जीवन चक्र में हमारी सुख और मोह की ममता हमारे जीवन में हमें सच को सोचने से रोकती है। कहानी ही तो हम सभी को एक सहयोग और एहसास होता हैं। बस श्मशान हमारे जीवन का एक कड़वा परंतु सच है

             हा हम सभी हमबिस्तर के साथ साथ मूड खराब भी कर लेते हैं आओ सुनते हैं आज हम सभी लोग जानते हैं की जीवन में सभी का अपना-अपना मूड होता है और उसके मूड के लिए अच्छा या खराब भी होता है। रजनी आज फिर ऑफिस के लिए निकलते हुए लेट हो गई थी और बारिश भी बहुत जोरों से बरस रही थी रजनी के दिमाग में ऑफिस जाने जाते हुए तरह के ख्याल आ रहे थे की बस पता नहीं आगे होंगे या गुस्सा होंगे या उनका मूड खराब होगा आज आधुनिक युग में हम सभी को अपनी नौकरी और पहुंच बनाने के लिए कुछ ना कुछ छुपाओ के साथ अलग जीवन में रहस्य रखने पड़ते हैं और जीवन को जीने के लिए आज एक सच और सही कहानी के साथ मूड खराब भी हो सकता है परंतु हम सभी जानते हैं की मूड खराब तो जीवन में सभी का कभी ना कभी हो जाता है ऐसी बातें सोचते हुए रजनी तेज कदमों से अपने फ्लैट से नीचे की ओर आ रही थी फ्लैट में रहने वाले राजेश ने रजनी को तेज कम से नीचे उतारते हुए देखा उसने पूछा भाभी जी क्या बात आज बहुत जल्दी में है आप रजनी अपना पल्लू संभालते हुए हां राजेश भैया आज मैं फिर लेट हो गई हूं और बारिश भी बहुत हो रही है मुझे ऑफिस पहुंचने में लेट हो सकता है राजेश ने सहानुभूति जागते हुए कहा मूड खराब मत करिए भाभी जी कहो तो मैं छोड़ दूं रजनी की तो जैसे की नेकी और पूछ पूछ बस रजनी की तो लग गई। रजनी मन में सोचने लगी चलो कर में चलते हैं थोड़ी छेड़खानी तो करेगा पर समय पर ऑफिस तो पहुंच सकते हैं और रजनी आधुनिक समाज की महिला थी। राजेश दिल फेंक आशिक था।

          रजनी पल्लू को नीचे सरकाते हुए उसकी कार में जा बैठी और राजेश भी अच्छी कद काठी का था । कि रजनी को निहार रहा था।  रजनी की ओर राजेश की निगाहें हट नहीं रही थी। रजनी राजेश से बोली अब चलें कहीं मेरे बॉस का मूड खराब ना हो जाए तो राजेश ने मस्ती लेते हुए कहा जब उनका मूड खराब नहीं होने देंगे । हम अपना मूड भी तो खराब नहीं कर सकते आप जैसी शोक हसीना हमारी कर में बैठी रजनी ने मुस्कुरा कर पलकों से आंखों से उसका जवाब दिया और अब चलो भी और राजेश ने झटका के साथ कर स्टार्ट कर दी कार के झटके से रजनी राजेश के कंधे पर जा लगी उफ्फ राजेश भाभी जी लगी तो नहीं रजनी भी मुस्कुराते हुए मुझे लगी हो या ना लगी हो आपको तो दिल में ठंडक आ गई होगी। राजेश मुस्कुराते हुए हम तो इस ठंडक का बेसब्री से इंतजार करते हैं। और राजेश कार चलाते हुए मस्ती से मजाक करते हुए और भाभी से छेड़खानी करते हुए रजनी के ऑफिस तक छोड़ देते हैं और रजनी फिर अपने पल्लू को संभालते हुए ऑफिस की सीढ़िया पर चढ़ती हुई जा रही है राजेश थैंक यू थैंक यू बोलती हुई राजेश कोई बात नहीं भाभी संभाल कर जाइए कहीं बाँस का मूड खराब न हो राजेश ऐसा क्यों कहते हो अभी तो टाइम है ऑफिस में तुम्हारी वजह से में जल्दी पहुंच गई। रजनी ऐसा कहते हुए अपने ऑफिस में जा पहुंची। और रजनी अपने ऑफिस में पहुंचकर अपने केबिन की ओर बढ़ रही थी तब उनके पास शांतनु ने पुकारा रजनी मेरे केबिन में आओ रजनी मन मन में बुदबुदाती हुई बुढे को भी इतनी जल्दी रहती है और  रजनी फाइल लेकर शांतनु के केबिन में जाती है। और रजनी आपका मूड खराब तो नहीं है क्योंकि आज तो आज ऑफिस जल्दी आ गई है आओ एक-एक कप कॉफी हो जाए बारिश भी हो रही है और रजनी उठकर केविन की किचन की ओर चली जाती है और दो कप कॉफी बनाकर लाती है कि बांँस का मूड खराब न हो जाए।

               सच तो जिंदगी में रजनी यही सोचती है कि बस जीवन में नौकरी और मूड खराब ही जीवन रह गया है और आज के दौर में आधुनिकता की दौड़ में हम सभी किसी न किसी की मूड खराब न हो जाए की वजह से जिंदगी जी रहे हैं आओ हम सब भी अपना मूड खराब न करके कहानी पढ़ते हैं और जीवन की राह पर चलते हैं सच तो यही है कहीं मूड खराब न हो जाए।         

           हां हम सभी कभी न कभी हमबिस्तर होना चाहते हैं क्योंकि जिंदगी का एक सच यही है बस हम कभी कभी अपराध बोध भी हो जातें हैं। क्यों कि एक दूसरे का सहयोग और हां भी सहयोग सहमति के साथ है हमबिस्तर की सोच रखते हैं।

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नीरज कुमार अग्रवाल चंदौसी उत्तर प्रदेश 



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