Kumar Vikrant

Tragedy


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Kumar Vikrant

Tragedy


रावण वध

रावण वध

3 mins 324 3 mins 324

मेधा सदैव की भांति सतर्कता से विल सिटी के उपनगरीय परिधि में जॉगिंग कर रही थी, रिवाल्वर उसके वस्त्रो में छिपी थी । उसे इंतजार था रणवीर का जो उसके मामा का पुत्र था, बाइस वर्ष पहले उसने १२ वर्ष की की मेधा की अस्मत को बलात लूट लिया था । माता पिता की मृत्यु के उपरांत उसे उसके मामा ने उसकी पांच व तीन वर्ष की बहनो के साथ आश्रय दिया था, परन्तु उनका उनके २० वर्षीय पुत्र रणवीर पर कोई अंकुश न था । दिन भर मामी घर का कार्य करवाती और रात भर वो राक्षस उसे रौंदता था । 

अचानक कोहरे से छह फीट लंबा दानवाकार रणवीर उभरा जॉगिंग करता हुआ, मेधा उसका थोड़ा और नजदीक आने का इन्तजार करने लगी । जब वो २० फ़ीट की दूरी पर आ गया तो मेधा ने रिवाल्वर निकल कर फायर किया, लेकिन उसने आसानी से खुद को बचाते हुए मेधा पर छलांग लगा दी और मेधा को को दबोच लिया । 

"तेरे जैसी बेवकूफ मुझे मारेगी, आ तुझे पुराने दिन याद दिलाता हूँ ।" कहकर रणवीर ने उसे अपने कंधे पर लाद लिया और दौड़ पड़ा घने जंगल की और ।

"जबरदस्त जवान हो गयी है तू तो ।" कहते हुए रणवीर ने उसे जोर से जमीन पर पटका और उसके वस्त्रो को नोचने लगा । 

दो मिनट बाद वो निर्वस्त्र, असहाय उस दरिंदे के नीचे दबी थी ।

तब तक मेधा कुछ संभल चुकी थी । उसने जमीन पर हाथ घुमाया तो उसके हाथ एक सूखी लकड़ी की टहनी लगी जिसे उसने अपनी मुट्ठी में दबा कर रणवीर की आँख पर प्रहार किया । लकड़ी चाकू की भांति उसकी आँख में जा घुसी और वो दर्द से चीखा और उसकी पकड़ ढीली होते ही मेधा ने उसे परे धकेल दिया । तलाशने पर उसे एक नुकीला पत्थर का टुकड़ा मिला, जिसे उठा कर उसने संभलने की कोशिस करते रणवीर के सिर पर दे मारा । वातावरण में उसकी खोपड़ी फूटने और उसकी विभस्त चीख गूँज उठी । 

वो कीड़े की भांति भूमि पर रेंग रहा था । २३ साल पहले उस कीड़े से वो अपनी अबोध बहनो की अस्मत बचाने उसके घर से भागी थी और जा फंसी दरिंदे पुलिस वालो के पंजो में, जिन्होंने उसे नोचकर एक कोठे पर बेच दिया था । वहां उसने हिम्मत कर सब्जी काटने वाले चाकू से एक दलाल के पेट फाड़ डाला था और भागकर जा फंसी भाड़े के क़ातिल बिल्ला के फंदे में, उसने उसकी अस्मत तो न लूटी लेकिन चाकू के साथ उसका हुनर सुनकर उसे भाड़े का हत्यारा जरूर बना दिया था । भाड़े का हत्यारा बनकर उसने अपने और बिल्ला के लिए पैसा बहुत कमाया और इन सब से दूर अपनी बहनो को मॉरीसस के एक बोर्डिंग स्कूल में भर्ती कर दिया था । एक दिन बिल्ला मारा गया और पुलिस के हाथ उस तक पहुंचने से पहले वो अपनी दौलत के साथ मॉरीसस को कूंच कर गयी थी ।

"तूने मुझे क्या से क्या बना दिया राक्षस?" कहकर मेधा ने एक अंतिम प्रहार उसके मस्तक पर किया और उसे जानवरो का निवाला बनता छोड़कर शहर की और चल पड़ी ।



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