Vijay Kumar उपनाम "साखी"

Inspirational


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Vijay Kumar उपनाम "साखी"

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क़द्र किसकी होती है।

क़द्र किसकी होती है।

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बहुत समय पहले की बात है। एक गाँव में दो दोस्त रहते थे। एक का नाम मोनू व दूसरे का सोनू था। मोनू शक्ल से सुंदर नहीं था, पर वो मन से सुंदर था।सोनू शक्ल से सुंदर था पर मन से नहीं। सोनू को बात बात पर गुस्सा आ जाता था। एक समय दोनों में शर्त लगी की दोनों अपने स्वभाव के विपरीत गाँव में जाएंगे। उस गाँव में जो भी एक वर्ष के भीतर रुपये कमाएंगे, उसका दस गुना एक दूसरे को देंगे। मोनू गरल गाँव जाता है, वहां के लोग बात-बात पर झगड़ते है। सोनू सरल गाँव जाता है, वहां के लोग बड़े सहनशील है। समय निकलता जाता है। मोनू गरल गाँव में चाय की दुकान खोल लेता है। वहां के लोग पहले ही झगड़ालू होते है ऊपर से मोनू की शक्ल भी बुरी होती है। चाय पीते, कभी पैसे देते, कभी पैसे नहीं देते। कभी मोनू को गाली भी निकाल देते। फिर भी मोनू मुस्कुराकर उनको चाय पिलाता है। समय निकलता है। 8 से 9 महीने यूँ ही गुजर जाते है,धीरे-धीरे लोगो के व्यवहार में परिवर्तन आने लगता है।लोग मोनू को समझने लगते है। जिन लोगो ने उसके पैसे खाये वो भी लौटाने लगते है। उधर सोनू सरल गाँव में चाय की दुकान खोलता है। सोनू बोलने का ध्यान नहीं रखता है, छोटी-छोटी बातों पर ग्राहकों से उलझता है। फिर भी वहां के लोग सज्जन होते है, उसको माफ़ कर देते है, पर दिनोदिन सोनू का क्रोध बढ़ता जाता है। फिर भी 5-6 महीने सोनू के अच्छे निकल जाते है। धीरे-धीरे सरल गाँव के लोग उसकी दुकान पर जाना कम कर देते है। इस प्रकार वर्ष के अंत में मोनू 1 लाख रुपये कमाता है, वहीं सोनू वर्ष के अंत मे पचास हज़ार रुपये कमाता है। शर्त के अनुसार मोनू को सोनू दस लाख रुपये और सोनू को मोनू पांच लाख रुपये देता है। इस प्रकार मोनू को सोनू से पांच लाख रुपये मुनाफे के रूप में मिलते है।

शिक्षा-क़द्र गुणों की होती है,रूप की नहीं


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