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Anita Mandilwar Sapna(world record holder)

Abstract Tragedy Others

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Anita Mandilwar Sapna(world record holder)

Abstract Tragedy Others

प्रिय माँ

प्रिय माँ

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आभार पत्र 

प्रिय माँ,

कभी-कभी सोचती हूँ कि “धन्यवाद” शब्द कितना छोटा है, और आपका योगदान कितना विशाल। जीवन की राह पर चलते-चलते कई बार ऐसा लगा कि मैं सब कुछ खुद ही कर रही हूँ, लेकिन जब पीछे मुड़कर देखा तो हर मोड़ पर आपका साया खड़ा मिला।

माँ, आपने मुझे सिर्फ जन्म ही नहीं दिया, बल्कि हर दिन मुझे नया जीवन जीना भी सिखाया। बचपन में जब मैं गिरती थी, तो आप मुझे उठना सिखाती थीं। जब मैं डरती थी, तो आप मेरे भीतर साहस भर देती थीं। और जब मैं खुद पर विश्वास खो देती थी, तब आप ही मेरी सबसे बड़ी ताकत बन जाती थीं।

आपने मुझे सिखाया कि जीवन में कितनी भी कठिनाइयाँ आएँ, मुस्कान कभी नहीं खोनी चाहिए। आपने सिखाया कि रिश्तों को निभाने के लिए धैर्य और प्रेम सबसे बड़ा आधार होता है। आपने यह भी सिखाया कि एक स्त्री केवल घर की जिम्मेदारियाँ ही नहीं निभाती, बल्कि वह पूरे परिवार की धड़कन होती है।

माँ, शायद मैंने कभी खुलकर आपसे यह नहीं कहा कि मैं आपको कितना मानती हूँ। रोजमर्रा की भागदौड़ में यह “धन्यवाद” शब्द कहीं छूट ही गया। पर आज दिल से कहना चाहती हूँ कि मेरी हर छोटी-बड़ी सफलता में आपका ही अंश है। आपने अपने सपनों को कई बार पीछे रखा ताकि मेरे सपनों को उड़ान मिल सके।

आज जब मैं जीवन की जिम्मेदारियों को समझने लगी हूँ, तब महसूस होता है कि आपने कितनी चुपचाप संघर्ष किए होंगे। कितनी बार अपनी थकान छुपाकर हमें हँसाया होगा। आपकी वही निस्वार्थ मुस्कान आज भी मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा है।

अगर कभी मैं एक अच्छी इंसान बन पाई हूँ, अगर मेरे शब्दों में थोड़ी संवेदनशीलता है, तो वह आपकी ही देन है। आप सिर्फ मेरी माँ नहीं हैं, बल्कि मेरी पहली गुरु, मेरी पहली मित्र और मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं।

आज यह पत्र लिखते हुए मन बस यही कह रहा है —
धन्यवाद माँ, मुझे वह बनाने के लिए जो मैं आज हूँ।

आपका प्यार मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूँजी है, और हमेशा रहेगा।

स्नेह और कृतज्ञता सहित,
आपकी बेटी 

अनिता मंदिलवार सपना


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