प्रेरणा स्त्रोत
प्रेरणा स्त्रोत
रिद्धि व उसकी कक्षा के विद्यार्थियों को आज राज्यपाल के हाथों से जागरूक विद्यार्थी का पुरस्कार दिया जा रहा था। सभी लोग बहुत खुश थे। विशेषकर रिद्धि की अध्यापिका जिन्होंने रिद्धि के इस सामाजिक कार्य में न सिर्फ सहयोग दिया वरन पूरा मार्गदर्शन भी किया।
दरअसल रिद्धि हर दिन जब घर से विद्यालय जाती थी तो अपनी मां से सड़क के गड्ढों के बारे में शिकायत करते हुए कहती थी कि कोई कुछ करता क्यों नहीं और जब सामाजिक विज्ञान की अध्यापिका ने सभी विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट के तहत एक-एक सामाजिक कार्य करने के लिए कहा तो रिद्धि ने तुरंत ही अध्यापिका से कहा कि मैं इन सड़क के गड्ढों को भरने का कार्य करना चाहती हूं। लेकिन यह मैं अकेले कैसे कर सकती हूं ।
इसमें कौन मेरी मदद करेगा। अध्यापिका रिद्धि के प्रोजेक्ट का विषय सुन बहुत खुश हुई और कहा कि सारे विद्यार्थी मिलकर इसी सामाजिक कार्य को पूरा करेंगे और मैं नगरपालिका से भी इस बाबत बात करूंगी ताकि वे लोग आप सभी विद्यार्थियों के साथ मिलकर इस कार्य को अंजाम दे सके और आज परिणाम सामने था।
सभी विद्यार्थियों को, उन अध्यापिका को व विद्यालय को खूब वाहवाही मिली। राज्यपाल महोदय ने कहा कि आपका विद्यालय बाकी सभी विद्यालयों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बना है। और रिद्धि को इस सकारात्मक कदम को उठाने के लिए बहुत-बहुत बधाई दी।
और भविष्य में भी इसे बरकरार रखने की प्रेरणा दी।
