Mohanjeet Kukreja

Romance

4.5  

Mohanjeet Kukreja

Romance

पांचवीं इंद्री

पांचवीं इंद्री

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बहुत विरोधाभास था उनमें, मगर दोनों एक दूसरे पर जान छिड़कते थे - एक अटूट प्रेम और चाहत की मिसाल थे   उनकी पसंद और प्राथमिकताएं बिलकुल विपरीत! लड़के को ग़ज़लें सुनना अच्छा लगता था तो लड़की को पाश्चात्य संगीत भाता था । लड़की को इत्र और सुगंधियों से बड़ा लगाव था और लड़के को उनसे एलर्जी  

खाने में लड़के को सिर्फ़ भारतीय व्यंजनों में रूचि थी तो लड़की को कॉन्टिनेंटल खाना अच्छा लगता था । लड़की को प्रेम-स्पर्श की, लाड-प्यार की बड़ी इच्छा होती थी, जबकि लड़का उन सबसे चिढ़ता था!

लेकिन उनकी पांचवीं इंद्री की बात करें, तो उसमें एक ग़ज़ब की समानता थी, जो उन दोनों को एक साथ बांधे रखती थी...  

दोनों नेत्रहीन थे!



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