Seema sharma Pathak

Drama Inspirational


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Seema sharma Pathak

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मैं मम्मी पापा को चुनता हूँ -2

मैं मम्मी पापा को चुनता हूँ -2

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प्रिय पाठको जैसा कि आपने इस कहानी के भाग 1 में पढा़ था कि राघव घर से गुस्से में चली आई रिया को अपने मम्मी पापा के कहने पर वापस लेने आया था और रिया ने घर जाने के लिए मना कर दिया था और राघव के सामने उसमें से और अपने मम्मी पापा में से किसी एक को चुनने के लिए कहा था ।राघव ने कहा था कि अगर चुनना ही है तो वह अपने मम्मी पापा को चुनता है और वहाँ से चला जाता है ।रिया चीख-चीखकर राघव को रोकने की कोशिश करती है लेकिन राघव वहाँ से चला जाता है ।राघव का ये बर्ताव देखकर रिया पागल सी हो जाती है क्योंकि उसे ये गलतफहमी थी कि राघव उसको ही चुनेगा ।रिया की मम्मी उसे शांत करती हैं और समझाती हैं 

," राघव तुमसे बहुत प्यार करता है बेटा लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि अपने मां बाप को छोड़ दे तुम्हारी शर्त एकदम नाजायज़ है बेटा और इसमें हम तुम्हारे साथ बिल्कुल भी नहीं है ।राघव जैसे बेटे बहुत ही नसीब वालो को मिलते हैं बेटा ।और आज वह एक बहुत अच्छा बेटा है तो कल बहुत अच्छा पति भी साबित होगा ।जीवन में सबकुछ धन दौलत नहीं होता रिया तुम थोड़े से आराम और दौलत के लिए अपने जीवन की सबसे बड़ी दौलत राघव जैसे पति को खो रही हो ।लेकिन इसमें गलती हमारी ही बेटा हम तुम्हें कभी ये न सिखा सके कि जीवन में सबकुछ रुपया पैसा नहीं होता परिवार और अपनो का प्यार ही जीवन का आधार होता है ।"


अपनी माँ की बात सुनकर रिया को अपनी गलती पर पछतावा होने लगा ।शाम को रिया के पापा भी आ गये रिया की माँ ने उनको सबकुछ बता दिया था ।रिया के पापा रिया के कमरे में गये और बोले, " रिया बेटा जब तुमने हमें राघव के बारे में बताया था तो हम तुम्हारी शादी उससे करवाने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थे क्योंकि हम तुम्हारी शादी किसी बडे़ घर में करवाना चाहते थे जहाँ तुम आरामदायक जीवन बिता सको लेकिन तुम्हारी जिद थी राघव से शादी करने की ।जब हम पहली बार मिले राघव से और उसके माता पिता से तो हमें नाज हुआ तुम्हारी पसंद पर क्योंकि हमें लगा हमारी बेटी ने उन लोगों की असली दौलत उनका व्यवहार उनका स्वाभिमान और उनके संस्कार देखे हैं लेकिन हम गलत थे बेटा तुमको तो बडा़ घर बडी़-2 गाडियों की आवश्यकता है उन लोगों के प्रेम की नहीं ।तो वो सब तो है तुम्हारे पास अब खुश रहो तुम इन सब चीजों के साथ रो क्यों रही हो ।"

रिया के छोटे भाई ने भी कह दिया दीदी जीजू गलत नहीं है आप की गलती है अगर मैं भी उनकी जगह होता तो यही करता ।

सबकी बाते सुनकर रिया बार -2 यही सोच रही थी कि कितनी बडी़ गलती कर दी उसने राघव के जिन गुणों की दीवानी हुई थी वो आज उन्हीं गुणों से कैसे परेशान हो गई वो ।वो राघव के पास जाना चाहती थी और सबसे माफी भी मांगना चाहती थी ।रिया अपने मम्मी पापा से विनती करने लगी कि वो लोग उसे राघव के पास ले चले ।रिया के मम्मी पापा उसे राघव के घर ले आये ।राघव की मम्मी ने तो अपनी प्यारी बहू को गले से लगा लिया और राघव के पापा ने भी उसे आशीर्वाद दिया लेकिन राघव ने उससे बात नहीं की और अपने कमरे में चला गया ।राघव रिया को बहुत चाहने लगा था और उसकी खुशी के लिए कुछ भी कर सकता था लेकिन उसने कभी नहीं सोचा था कि रिया को उसके मम्मी पापा से इतनी परेशानी हो जायेगी ।राघव को रिया की इस बात से बहुत चोट पहुंची थी ।


रिया के मम्मी पापा को राघव के पापा ने यह आश्वासन देकर विदा कर दिया कि हम समझा देगें राघव को बहुत जल्द ही शांत हो जाएगा उसका गुस्सा आप चिन्ता न करे। रिया हमारी बेटी ही है और इस घर में कभी कोई परेशानी नहीं होगी उसको ।रिया अपने कमरे में गई और राघव के पास जाकर माफी मांगने लगी रिया की आंखों में आये पश्चाताप के आँसूओ ने राघव के दिल को पिघला दिया और उसने रिया को माफ कर दिया ।रिया ने राघव से वादा किया कि वह उसके मम्मी पापा को उससे भी ज्यादा मान सम्मान और प्यार देगी और वह सबकुछ सीख लेगी जिससे राघव उससे कभी नाराज ना हो ।रात के खाने की तैयारी करते हुये मम्मी के साथ जब राघव ने रिया को देखा तो वह मन ही मन मुस्कराने लगा और ईश्वर का धन्यवाद किया सबकुछ ठीक करने के लिए ।रिया ने भी अपनी सासु माँ से कह दिया कि मां मुझे आपकी तरह ही परफैक्ट बनना है हर काम में क्या आप मुझे बनायेंगी अपनी तरह ही तो उन्होंने भी रिया को गले से लगा लिया और सब पहले की तरह हंसने मुस्कराने लगे ।

राघव और रिया दोनों का जीवन बरबाद होने से बच गया रिया के मम्मी पापा की समझदारी के कारण ।अपनी दौलत के घमंड में आकर अगर वो लोग बेटी की बेबुनियादी बातों को मानकर उसका साथ देते तो अपने हाथों से अपनी बेटी का जीवन बरबाद कर लेते लेकिन उन लोगों ने रिया का साथ न देकर और उसे उसकी गलती का अहसास कराकर,उसे उसके ससुराल वापस भेजकर समाज के सामने एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया ।


आज की जो स्थिति है हमारे समाज की जहां बहुत बड़ी मात्रा में परिवार से अलगाव और तलाक जैसी प्रथायें शुरू हो गई है वहाँ रिया के जैसे माता पिता और राघव जैसे बेटो की बहुत आवश्यकता है जो अपने माता पिता को सिर्फ अपना भगवान कहते नहीं है बल्कि मानते भी हैं ।अगर एक बेटा कमजोर न पड़े तो दुनिया की कोई भी लड़की उसे उसके माँ बाप से अलग नहीं कर सकती।



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