Asha Jakar

Tragedy


4.6  

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लॉकडाउन में कन्या पूजन

लॉकडाउन में कन्या पूजन

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माँ, लॉकडाउन में कन्या पूजन कैसे करोगी ?

बेटा अष्टमी पूजन तो करेंगे ही जैसे अपन रोजाना देवी की पूजा करते हैं।वैसे ही हलवा चना का भोग लगाकर पूजन कर लेना। 

माँ पूजा तो कर लेंगे ,मैं तो कन्याओं को जिमाने की बात .कर रही हूँ।

बेटा कन्याओं को तो नहीं सकते,घर से निकल नहीं सकते ।आसपास के घरों में चार पाँच बच्चे है उनके लिए खाना दे आऊँगी। तुम भी कुछ ऐसा ही करना।

"माँ हमारे मुम्बई में तो 22 मार्च से ही लाक डाउन हो गया है बल्कि 10 मार्च से ही हमारे सोसायटी के गार्डन में बच्चों का खेलना व बड़ों का घूमना सब बंद कर दिया था। हमारी 20माले की बिल्डिंग हैं और माँ फ्लैट में लिफ्ट चालू है तो कन्याओं को वहीं भोगप्रसाद देकर टीका लगाकर पूजन कर दूँगी। कन्याओं के लिए कुछ गिफ्ट भी नहीं ला पाई।"

बेटी पैसे ही दे देना। मैं भी ऐसाही करूँगी।

परिस्थिति के अनुसार ही काम करना चाहिए। 

"हाँ माँ मैं भी ऐसा ही करने वालीहूँ। आज देश की क्या स्थिति है इसलिये परिस्थिति के अनुकूल काम करना उचित है।माँ,हमने तो पी.एम.केअर्स के एकाउंट में कन्या पूजन के नाम से 1001रुपये जमा कर दिये है। आप भी कर देना।"

ठीक है बेटा तू अपने पापा को बता देना। 

ओके माँ, पापा को व्हाट्सएप पर नम्बर भेज दूँगी।

ठीक है बेटा,इस कोरोना ने तो देश की हालत कैसी कर दी है।लोग बेघर भूखे, प्यासे सड़क पर चल रहे हैं ।जिन्हें सहायता की जरुरत है,उनकी सहायता होजाय इससे अच्छा पुण्य और क्या होग। देवी माँ रक्षाकर।

माँ मैं भी देवी से यही प्रार्थना कर रही हूँ। ठीक है माँ, अब फोन रखती हू्ँ।पूजा की तैयारी करनी है।


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