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sukhwinder Singh

Romance Inspirational

4  

sukhwinder Singh

Romance Inspirational

की वफ़ा: एक अटूट बंधन

की वफ़ा: एक अटूट बंधन

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रूह का किनारा: एक अमिट वफ़ा

​आज की दुनिया में जहाँ मोहब्बत सिर्फ़ चंद मुलाकातों और जिस्मानी कशिश तक सिमट कर रह गई है, वहाँ आर्यन और रिया की कहानी एक बहती हुई निर्मल नदी की तरह थी। शहर की चकाचौंध से दूर, एक पुराने पुल पर बैठे हुए आर्यन ने रिया का हाथ नहीं पकड़ा था, बल्कि वह उसकी खामोशी को पढ़ रहा था।

​रिया ने आर्यन की आँखों में अपनी रूह की गहराई को उतरते देखा और बड़े ही दृढ़ शब्दों में कहा, "आर्यन, मैं वो लड़की नहीं हूँ जिसने आज तुम्हें चाहा और कल किसी और की बाहों में होगी। मेरा प्यार कोई मौसमी बहार नहीं है जो वक्त के साथ रुख बदल ले। मैंने तुम्हें चुना है, और मेरी वफ़ा का सफ़र तुम्हारी रूह पर शुरू होकर वहीं खत्म होता है।"

​आर्यन उसकी बात सुनकर दंग रह गया। उसने रिया के माथे को धीरे से चूमा और कहा, "रिया, लोग जिस्मों को फतह करने को मोहब्बत समझते हैं, पर सच्ची जीत तो वो है जब तुम्हारी गैर-मौजूदगी में भी तुम्हारी इज़्ज़त मेरे दिल में उतनी ही महफूज़ रहे। जिस्म तो मिट्टी है, आज है कल बिखर जाएगा, लेकिन जो रिश्ता रूह से जुड़ जाए, उसे मौत भी नहीं मिटा सकती।"

​उस शाम आसमान का रंग गहरा लाल हो रहा था। जहाँ दुनिया 'हदों' को पार करने में प्यार ढूंढती है, वहाँ इन दोनों ने एक-दूसरे के सम्मान में अपनी दुनिया बसा ली थी। उनके बीच कोई दिखावा नहीं था, बस एक अटूट विश्वास था जिसे न कोई तीसरा तोड़ सकता था और न ही कोई मजबूरी डिगा सकती थी।

विशेष संदेश (सुखविंदर की कलम से)

​"आजकल की इस भागदौड़ भरी दुनिया में प्यार सिर्फ एक जिस्मानी ज़रूरत बनकर रह गया है, जो आज यहाँ है और कल कहीं और। लोग भूल गए हैं कि रूह का रिश्ता जिस्म की बंदिशों से बहुत ऊपर होता है। अगर किसी से प्यार करो, तो उसकी रूह की इज़्ज़त करना सीखो। प्यार वो नहीं जो सिर्फ 'आज' के लिए हो, प्यार वो है जो ताउम्र एक ही इंसान की इबादत बनकर रहे। वफ़ा का मतलब सिर्फ साथ रहना नहीं, बल्कि एक-दूसरे के वजूद का मान रखना है।"


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