STORYMIRROR

Akanksha Gupta (Vedantika)

Abstract

3  

Akanksha Gupta (Vedantika)

Abstract

खोखली बाते

खोखली बाते

1 min
331

चारों तरफ चहल पहल थी। अरु अपनी पत्नी निशि के साथ एक जगह बैठा हुआ था। उसके ठीक सामने सयाली बैठी हुई थी। सयाली के वहां होने से अरु बैचेन था। उसकी पत्नी तबियत खराब होने का बहाना कर घर चली गई। अब अरु सयाली दोनों एक दूसरे के सामने थे।

“हाय अरु। तुम यहाँ इस पार्टी में क्या कर रहे हो? तुम्हारी वाइफ कहाँ है ? अभी तो यही थी।” सयाली अरु के पास आ गई थी।

“उसकी तबीयत ठीक नहीं थी इसलिए वह घर चली गई। तुम बताओ और क्या चल रहा लाइफ में? तुम खुश तो हो अपने पति के साथ? अरु एक सांस में पूछ गया।

“बहुत खुश हूँ उनके साथ। अगर तुमने दहेज के लिए हमारे प्यार को नही ठुकराया नही होता तो आज मुझे उन जैसा जीवनसाथी नही मिलता। तुम्हारी खोखली बातों ने मेरे जीवन को बर्बाद होने से बचा लिया।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi story from Abstract