Read #1 book on Hinduism and enhance your understanding of ancient Indian history.
Read #1 book on Hinduism and enhance your understanding of ancient Indian history.

Deepika Kumari

Tragedy


4.0  

Deepika Kumari

Tragedy


जानलेवा लत

जानलेवा लत

3 mins 175 3 mins 175

"बाथरूम से बाहर निकलो, मुझे फ्रेश होना है ।" सोनिया। 

" बस 5 मिनट "सौरभ ।

"नहीं, मुझे अभी जाना है" सोनिया।

 सौरभ बाथरूम से बाहर आकर कहता है "लेकिन अभी कुछ देर रुक जाओ , 2 मिनट बाद चली जाना । फैन चल रहा है कुछ ही देर में धुआं उड़ जाएगा ।"

"धुआं उड़े न उड़े। पर यह धुआं तुम्हें जरूर एक दिन धुआं बनाकर उड़ा देगा । तुम्हें मरने का शौक है तो अकेले मरो ना । साथ में हमें लेकर क्यों मरते हो? छत पर नहीं जा सकते बीड़ी पीने ? " सोनिया।

" मैं बीड़ी नहीं सिगरेट पीता हूं ।" सौरभ 

"तो क्या सिगरेट जहर की जगह अमृत बरसाती है ?सिगरेट तो बीड़ी से भी ज्यादा खतरनाक है और यह स्मोकर्स से ज्यादा नुकसान नॉनस्मोकर्स को करती है ।लगता है तुम मुझे मारना चाहते हो ।" सोनिया।

सौरभ चुपचाप सुनता रहता है और सोनिया की किसी भी बात का कोई जवाब नहीं देता। सोनिया के लाख समझाने के बाद भी सौरभ स्मोकिंग की लत को छोड़ नहीं पाता । कुछ महीनों बाद एक दिन सोनिया को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। उसके सीने में तेज दर्द उठने लगता है । सौरभ उसे तुरंत अस्पताल ले जाता है। सभी जरूरी जांच होने के बाद पता चलता है कि सोनिया को फेफड़ों का कैंसर है । यह खबर सुनते ही सौरभ के पैरों के नीचे से जमीन खिसक जाती है ।वह सोनिया से बहुत प्यार करता था। उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उसकी स्मोकिंग की आदत सोनिया की जिंदगी की दुश्मन बन जाएगी। सौरभ डॉक्टर से पूछता है , "डॉक्टर साहब सोनिया ठीक तो हो जाएगी ना? वह कितने दिनों में ठीक हो जाएगी ?" 

डॉक्टर , "ये तो कहना मुश्किल है अभी हम कुछ भी नहीं कह सकते ।" 

1 महीने तक सोनिया का इलाज चलता है और फिर 1 दिन सोनिया का डॉक्टर सौरभ से कहता है, " हमने बहुत कोशिश की। पर हम उसे बचा नहीं पाए । उसके फेफड़े " सौरभ को सोनिया की कहीं बातें याद आने लगती है वह खुद को सोनिया की मौत का जिम्मेदार समझने लगता है अब उसकी सिगरेट को छूने की भी हिम्मत नहीं होती उसके लत जब फिर से स्मोकिंग करने के लिए बेचैन करती वह सिगरेट पीने के लिए दौड़ता पर सिगरेट हाथ में लेकर जैसे ही उसे चलाने की कोशिश करता उसे सोनिया का मासूम चेहरा नजर आने लगता उसके हाथ की सिगरेट उसे खंजर लगने लगती उसे ऐसा लगता जैसे उसने खुद वह खंजर सोनिया के सीने में ख्वाब कर उसे मार दिया हो उसकी आत्मा उससे यह कहकर कोसती की सोनिया की मौत नहीं हुई उसकी हत्या हुई है और उसका हत्यारा तू खुद है सौरभ के स्मोकिंग की आदत सोनिया की मौत से छूटेगी यह उसने कभी सोचा भी ना था! काश इस लत को वह पहले ही छोड़ देता तो आज अपनी पत्नी के साथ सुख की जिंदगी जी रहा होता रहा होता।


Rate this content
Log in

More hindi story from Deepika Kumari

Similar hindi story from Tragedy