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V. Aaradhyaa

Classics Inspirational

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V. Aaradhyaa

Classics Inspirational

इस उम्र में कोई बेघर ना हो

इस उम्र में कोई बेघर ना हो

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ज़ब दीनानाथ जी को बुढ़ापे में बेटा बहू ने बेघर कर दिया था तब उन्हें एहसास हो रहा था की पूरी जिंदगी पति पत्नी ने से बच्चों के बारे में सोच और अपने बारे में नहीं सोचा तभी आज यह दिन देखना पड़ रहा है।


 राधिका दीनानाथ जी की पत्नी थी जिन्होंने जिंदगी भर अपने पति का साथ निभाया था और आज उनके बड़े बेटे ने धोखे से घर के पेपर पर साइन करके उन दोनों को बेघर कर दिया था अब वृद्धा आश्रम के अलावा और कोई जगह नहीं थी।


 वृद्ध आश्रम में दोनों जो अपने लोगों से यह बात कर रहे थे तो सब यही कह रहे थे कि इस उम्र में कोई बेघर ना हो इसी उम्र में परिवार में की जरूरत सबसे ज्यादा पड़ती है.




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