गीत
गीत
“क्या दौलत क्या शोहरत, क्या इश्क दिखाना हैं”
“ नादान समझ ले इतना, इक दिन तुम्हें जाना हैं।। क्या दौलत क्या.........
“बेपर्दा पैदा हुए थे जब दुनिया में तेरा कोई नाम न था”
“आँचल की हल्की हवा लगी, तो शोर मचाना हैं।। क्या दौलत क्या.........
“तुम इतना ज़वा हो के ही, खुद उतने हसीं लगते हो”
“मिल करके हसीनों से कहते हो जमाना हैं।। क्या दौलत क्या.........
“छोड़ो सोने-चाँदी को, ये काम नहीं आयेंगे”
“जिन्दा दिल इन्सा को, तो नाम कमाना हैं।। क्या दौलत क्या.........
“वो चाँद पे जाने वाले, इतनी शोहरत पाई हैं”
“पर इतना याद रहे, फिर नीचे आना हैं।। क्या दौलत क्या.........
“ना कुछ लेकर आये थे, ना कुछ लेकर जाना है”
“ईमान है अपनी दौलत, इक उसे बचाना है।। क्या दौलत क्या.........
