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neha chaudhary

Tragedy

4  

neha chaudhary

Tragedy

एक बार कहा तो होता

एक बार कहा तो होता

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अचानक रिया रोते हुये बड़बड़ाती है, "कहाँ हो तुम रवि कहाँ हो.................?"कुछ दिनों से रवि गायब है पता नहीं कहाँ चला  गया l

रिया अपनी दोस्त तमन्ना से कहती है,"यार उसने मेरे कॉल्स, मैसेज का रिप्लाई देना भी बंद दिया l क्या करूँ मैं तुम ही बताओ तमन्ना l आखिर रवि  ऐसे बीहेव क्यों कर रहा है l"

"शायद रवि तुम्हे धोखा दे रहा है,  रिया, उसके बारे में सोचना बंद कर दो प्लीज l"

"नहीं तमन्ना, मैं रवि को चार साल  से जानती हूँ,  बो बहुत अच्छा है, बो कभी मुझे धोखा नहीं दे सकता lकभी भी नहीं, बो ऐसा कर रहा है इसके पीछे कोई और बजह तो नहीं?"

"बजह जो भी हो पर अब तुम रवि को भूल जाओ बो बापस आने बाला नहीं है अब l"

"तमन्ना तुम जानती हो ना, मैं उसके बिना अपनी जिंदगी सोच भी नहीं सकती, बिलकुल  नहीं l"

मैंने कहा ना रिया, "अब बो तुम्हारे  साथ नहीं है बस इतना समझ लो l"

"कैसे समझू तमन्ना तुम ही बताओ, जिसके साथ जीने के  सपने देखे हों, उसी को भूल जाऊं l कैसे, मैं तो मर ही जाउंगी उसके बिना l फिर भी भूलने  को कह रही हो?"

"और क्या कहूं मैं रिया पिछले 2 महीनों से रवि का कुछ पता नहीं है, उसके कोई अलग कांटेक्ट भी तुम नहीं जानती, और कोई रास्ता भी नहीं है तुम्हारे

पास l अब तुम खुद सोचों क्या करना है?काफ़ी लेट हो रहा है रिया, चलो घर चलते हैं l"

दोनों अपने अपने घर की तरफ चल दिए ,रिया रास्ते में रवि के खयालों में खोयी हुई उन यादों को जी रही थी जो उसने रवि के साथ जिए थेlअचानक एक कार आयी..............रिया से टकरा गयी l रिया की आँखों  के सामने अंधेरा सा छा गया lबो गिर पड़ी, काफ़ी चोट आयी थी उसे, पर भला हो उस कार बाले का, जो रिया को तुरंत हॉस्पिटल ले गया lरिया की कंडीशन कुछ ज्यादा ठीक नहीं थी lकाफ़ी खून बह चूका था lरिया के घरबाले भी आ गए l ऑपरेशन हुआ, फिलहाल अब बो होश में  है lरिया के रूम में अचानक एक बूढ़ा आदमी आया और बोला "बेटा तुम ही रिया हो ना?"

सिर हिलाते हुए रिया ने हामी भारी!!!"आप कौन अंकल?"

"बेटा मैं तुम्हारी अमानत तुम्हे देने आया हूँ l"एक डायरी देते हुए बूढ़ा बोला l

"ये क्या है"

"खुद ही देख लो बेटा" बोलकर, बूढ़ा चला गया l

रिया डायरी खोलते ही, अवाक् रह जाती हैl ये क्यारवि की डायरी? पहले ही पेज पर........

"प्रिय रिया तुम्हारी याद में मैंने अपने दिन गुज़ार दिए,तुम मेरी जिंदगी का सबसे खूबसूरत हिस्सा हो lतुमने मेरी जिंदगी को खुशियों से भर  दिया lमैं तुम्हारे साथ अपनी जिंदगी के सपने देख रहा था lपर शायद भगवान को ये मंजूर नहीं, मैं सोच भी नहीं सकता था, की इस तरह तुम्हे छोड़कर जाना पड़ेगा lतुम्हे बताने की हिम्मत नहीं हुई l होती भी कैसे  मैं तुम्हारी आँखों में कभी आँशु नहीं देख सकता था lमुझे पता है तुम मुझे ढूढ़ रही होगी, लेकिन अब मैं तुमसे बहुत दूर आ चुका हूँ lकुछ दिनों पहले ही मुझे पता चला की  मुझे ब्रेन कैंसर है l"बो भी लास्ट स्टेज, तुम प्लीज अपनी जिंदगी में आगे बढ़ जाना और खुश रहना l"

अलविदा.................

तुम्हारा रवि..


"रिया की सांस ऊपर की ऊपर और नीचे की निचे ही रह गयी l"उसके अंतिम शब्द.........मैं तुम्हारे अंतिम समय भी तुम्हारे साथ रहना चाहती थी

..............एक बार कहा तो होता...................l


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