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adv archana bhatt

Abstract Inspirational

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adv archana bhatt

Abstract Inspirational

बड़ी बहन

बड़ी बहन

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माँ के बाद कोई है, तो वो हों तुम 

जब माँ हमसे दूर रही, तुम हमारे साथ खड़ी रही ।


तुम खुद उम्र में छोटी थी, लेकिन हमसे तुम बड़ी थी, 

हमारा ख्याल ऐसा रखा, माँ की कमी हमें ना हुई।


तुम्हारा हम से पहले सुबह उठ जाना,

हमें तैयार कर स्कूल भेजना याद है।


जब लौटकर घर आए हम, 

तो खाना हमें तैयार मिलता।


ना जाने कब तुम इतनी बड़ी हो गई,

माँ की कमी हमें महसूस ना हुई।


सच कहूँ तो ऐसी बड़ी बहिन,

हर किसी को नसीब ना हुई।


बचपन के उस दौर को याद करूं तो,

पलक झपकते तुम याद आती हो ।


तुम मेरी यादों के पन्नों में तब सिमट गई, 

जब तुमने हमारी जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली।


ऐसी ही प्यार हमारा तुमसे नहीं, 

तुम हो इतनी प्यारी तुम जैसा कोई और नहीं।


माँ के बाद कोई है, तो वो हों तुम 

जब माँ हमसे दूर रही, तुम हमारे साथ खड़ी रही।


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