Archana Kewaliya

Abstract


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Archana Kewaliya

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बड़ी बेटी

बड़ी बेटी

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देखो जी अनीता ने अपने मोबाइल पर बड़ी बेटी नीता की फोटो दिखाते हुए अशोक से कहा। अशोक ने भी चश्मे से चमकते हुए नीता और दामाद का फोटो देखा और फिर मुंह फेर लिया। अनीता ने देख लिया था की अशोक ने जी भर कर फोटो को देख लिया था। पूरे दो साल बाद नीता के कुछ समाचार मिले थे पूरे दो साल बात अशोक व अनीता ने अपनी बड़ी बेटी को देखा था। दोनों ही खुश थे पर अपनी खुशी छिपा रहे थे। नीता और रीता दो बड़ी ही प्यारी बेटियां थी अशोक व अनीता के आंगन की। अशोक भी सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त होने से पहले दोनों की शादियां करके अपने दायित्व का निर्वहन कर चुके थे। 

। अनीता ने भी अशोक की गृहस्थी की गाड़ी चलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। दोनों बेटियां अपने ससुराल में खुश थी दोनों के 2-2 बच्चे हो गए थे। कभी-कभी छुट्टियों में वे बच्चों सहित अशोक व अनीता के यहां रहने के लिए आ जाया करती थी। सब कुछ ऊपर से तो ठीक नजर आता था किंतु बड़ी बेटी नीता की थोड़ी चिंता लगी रहती थी। जब से उसकी शादी हुई थी उसके ससुराल वाले कुछ नाखुश से लगते थे। अशोक ने शादी में कोई कसर नहीं छोड़ी थी, अपनी हैसियत के हिसाब से कहीं ज्यादा अच्छी शादी की थी परंतु शादी के बाद नीता के पति सुमित भी ज्यादा आते नहीं थे,फोन पर भी ज्यादा बात नहीं करते थे। सुमित एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में अच्छी पोस्ट पर थे और अच्छा खासा वेतन था उनका। सुमित के पिताजी भी बैंक मैनेजर से रिटायर हो चुके थे। पहले तो अशोक व अनीता को लगा कि सब कुछ ठीक हो जाएगा।सब का स्वभाव अलग अलग होता है पर समय के साथ समस्याएं कुछ बढ़ती चली गई।

नीता भी उनको सही तरीके से सुलझा नहीं पाई ।ससुराल व पीहर में तालमेल बिठा नहीं पाई और एक दिन अचानक उसका फोन आया - पापा, मुझे यहां से ले जाओ, मैं और यहां नहीं रह सकती। अशोक व अनीता कुछ समझ ही नहीं पाए कि नीता यह क्या कह रही है। एक भारतीय पिता के लिए शायद यह पल सबसे ज्यादा मुश्किल होता है। खैर जैसे तैसे खुद को संभाल कर अशोक ने ड्राइवर को भेज दिया नीता के घर उसे लिवाने।

थोड़ी ही देर में नीता रोती हुई अपने दोनों बच्चों के साथ अशोक के घर आ गई। रो-रो कर उसका बुरा हाल था बड़ी मुश्किल से केवल अनीता को इतना ही बता पाई कि उसे अब सुमित के साथ नहीं रहना। सुमित और उसके घर वाले बात-बात में टोकते हैं। अशोक व अनीता के लिए बुरे शब्दों का प्रयोग करते हैं और कभी कभी पैसों की मांग भी करते हैं। इसी को लेकर सुमित ने उस पर हाथ भी उठाया है।अनीता तो सन्न रह गई, फूल सी बेटी की हालत उससे देखी नहीं गई। इसी बीच उसने छोटी बेटी रीता को भी फोन करके बुला लिया था। रीता भी नीता की हालत देखकर दंग थी।

कभी-कभी अनीता नीता की हर मांग को पूरा करती थी तो नीता अपनी मां को मना करती थी - मम्मी ऐसे नीता की हर बात को मत माना करो,उसे जो चाहिए अपने आप लेना चाहिए, ना की मम्मी पापा से मांग कर। कभी-कभी इन बातों पर रीता व नीता की तकरार भी हो जाती थी पर अनीता दोनों को चुप करवा देती थी। इस बार भी रीता ने आते ही मम्मी से कहा - देखा मम्मी मैं हमेशा आपको मना करती थी विनीता की हर बात और हर मांग को ना माने परंतु आपने मेरी बात नहीं मानी। खैर जब अशोक अनीता नीता और रीता चारों ने मिलकर बात की तो नीता ने साफ-साफ कह दिया मुझे अब सुमित के साथ नहीं रहना, मुझे उससे तलाक चाहिए। सब ने बहुत समझाया कि तलाक तो हल नहीं होता है, बच्चों का क्या होगा। इन पर क्या असर होगा। नीता ने तो ठान ही लिया वह टस से मस नहीं हुई।

अब अशोक भी क्या करते। फिर वही भारतीय पिता की मजबूरी सामने आ गई , बदनामी का डर सो अलग। जैसे तैसे इन्होंने वकील से बात की। कोर्ट में जाने के लिए पेपर तैयार किए। इसी बीच एक दो बार सुमित से भी बात की,वह भी तलाक को लेकर ही अड़े रहे। दोनों तरफ से वकील हुए और मामला फैमिली कोर्ट में पहुंचा। कोर्ट की तारीख वाले दिन नीता और सुमित कोर्ट पहुंचे,जहां दोनों को समझाइश दी गई और अगली तारीख तय हुई। इस बीच नीता के मन में न जाने क्या बदलाव आया अगली तारीख तक वह सुमित के साथ वापस जाने को तैयार हो गई।

अशोक के तो जैसे पैरों तले जमीन खिसक गई। जिंदगी में पहली बार अदालत का मुंह देखा और उस पर भी बदनामी। इस लड़की ने तो जाने क्या सोच रखा है। खैर होता वही है जो होनी को मंजूर होता है। अगली तारीख पर दोनों नीता व सुमित साथ साथ बाहर निकले और दोनों खुश दिख रहे थे।

अशोक अनीता समझ ही नहीं पाए कि यह सब क्या माजरा है। नीता दो महीने से तलाक की रट लगाए थी, एकदम से कैसे बदल गई। सुमित ने भी अशोक व अनीता के पैर छुए और माफी मांगी। नीता भी दोनों को सॉरी बोल कर सुमित के साथ चली गई। अशोक व अनीता भी घर आ गए। इसके बाद नीता का कोई फोन नहीं आया। न हीं उससे कभी बात हो पाई। अनीता ने कितनी ही बार कोशिश की मगर उसका नंबर बदल गया था।

नीता से कभी बात हो ही नहीं पाई। कुछ दिनों पहले कहीं से खबर आई थी कि सुमित का तबादला विदेश की किसी बड़ी कंपनी में हो गया है तो नीता भी सुमित के साथ दोनों बच्चों को लेकर कनाडा रहने चली गई। आज बहुत दिनों के बाद अनीता की किसी सहेली ने फ़ेसबुक पर नीता की फोटो देखी तो अनीता को बताया और फोटो भेजी।

फोटो में सुमित व नीता दोनों बहुत अच्छे लग रहे थे, खुश लग रहे थे अशोक व अनीता तो यह देख कर ही खुश थे कि कहीं भी रहे अपने पति के साथ खुश रहना चाहिए।   


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