STORYMIRROR

Prem Bajaj

Romance

4  

Prem Bajaj

Romance

ज़ुल्फ़ें

ज़ुल्फ़ें

1 min
397

यूँ नज़ाकत से ज़ुल्फों को सँवारना तेरा,

उफ़्फ कहीं जान ना ले ले ये हमारी।


ये बलखाती ज़ुल्फ़ें तेरी घायल कर जाती हैं,

तेरी ज़ुल्फों के साए में मिलता है सुकून मुझे।


मेरे दिल को अपनी गिरह में बाँध लेती है

तेरी ये नागिन सी बलखाती ज़ुल्फ़ें।


लहराती हो जब तुम ज़ुल्फ़ों को अपनी, 

कितनों पे कहर ढाती हो।


सरकाया जो हमने ज़रा दुपट्टा

उनका हुस्ने -दीदार के लिए 


कम्बख़्त ज़ुल्फों ने उनके 

रूख़सार पे पर्दा गिरा दिया।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance