ज़रा करीब तो आओ ना !
ज़रा करीब तो आओ ना !
दिल दे रहा हूँ , ज़रा करीब तो आओ ना !
तुम बिन लगता नहीं ये दिल
इतना तो समझ जाओ ना !
आज़मा रहा है मुझ को पल -पल
ख्वाबों में है तुम्हारा-ही आना जाना
अब इस कदर आज़माओ ना !
दिल दे रहा हूँ , ज़रा करीब तो आओ ना !
तुम्हारे होने से ही होता हूँ
आजकल मैं कम सोता हूँ
धड़कनों में महफूज़ हो तुम
अब इस कदर ठुकराओ ना !
दिल दे रहा हूँ, ज़रा करीब तो आओ ना !
देखा था तुम्हें जब पहली बार
धक् -धक् कर बैठा था यार
थम सा गया था वक्त ,
आँखों में अनजाना इकरार
मेरी बाहों में थम जाओ ना !
दिल दे रहा हूँ, ज़रा करीब तो आओ ना !
तुम्हें तकने की आदत हो गयी है
इस दिल को तुम्हारी ही चाहत हो गयी है
जो न भी चाहूँ, तो रुक जाता हूँ
मैं समर्पण भाव से झुक जाता हूँ
एक बार तुम भी तो मुझे गले से लगाओ ना !
दिल दे रहा हूँ, ज़रा करीब तो आओ ना !
अब समझ भी जाओ ना !
दिल दे रहा हूँ , ज़रा करीब तो आओ ना !
यूँ वफ़ा को मेरी अब और आज़माओ ना !
दिल दे रहा हूँ , ज़रा करीब तो आओ ना !

