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Richa Baijal

Abstract

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Richa Baijal

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शतरंज

शतरंज

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शतरंज : 


है 'शय ' और 'मात' की कहानी 

शतरंज की बिसात पुरानी 

हैं प्रपंच के सिक्के बिखरे 

राजा - रानी के चमचे बहुतेरे 

शतरंज की चाल में ठहरे 

दिन से रात हो जाती है 

लेकिन इनकी चाल न समझ आती है 

मोहरों की सियासत तो देखो 

एक रियासत की चाल को बदल दे

है वही विजेता जो सब कुछ समझ ले।


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