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Richa Baijal

Abstract

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Richa Baijal

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जीत जायेंगे हम

जीत जायेंगे हम

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पाँच उँगलियों से बनती है मुट्ठी 

पांच मुट्ठियों से जज़्बा कुछ खास है 


है मुकाम को पा लेने की चाहत 

कि हम सब साथ है


मिलकर कुछ ठानी है 

आओ मिलकर कुछ कर जाएँ 


इस दुनिया में जीत कर

अपना नाम कर जाएँ।


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