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Kanchan Pandey

Romance

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Kanchan Pandey

Romance

यह दिन फिर लौट कर नही आएंगे

यह दिन फिर लौट कर नही आएंगे

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यह दिन फिर लौट कर नही आएंगे,

ये लबों पर तेरा नाम

हाथों में तेरा हाथ,

दूर तक चलते चलते

कुछ खट्टी कुछ मीठी बात,

इन सांसों मे तेरे होने की ताकत

ओह तुम्हारी प्यारी सी आदत

यह दिन फिर लौट कर नही आएंगे।


वह तुम्हारा रोज देर से आना

और मेरा रूठने का बहाना,

फिर तेरा चाय के प्याले के साथ मनाना

यह दिन फिर लौट कर नही आएंगे।


मेरे दर्द मे तेरा तड़पना

बिन गलती के खुद को कोसना

कामों को करने से तेरा फिर रोकना

यह दिन फिर लौट कर नही आएंगे।


बातों ही बातों में रात बिताने की आदत

तेरे आवाज को सुनने की मेरी आदत,

शरारत में तेरा झपकी लेना

फिर गुस्से में आकर मेरा सोना,

सुबह सुबह प्यारी सी मुस्कान

जो भरती है मेरे सांसों में जान,

यह दिन फिर लौट कर नही आएंगे।


दोनों का कुछ क्षण चुपचाप रहना

बिन बातों के ही एहसास समझना

यह दिन फिर लौट कर नही आएंगे।



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