STORYMIRROR

Minal Aggarwal

Tragedy

4  

Minal Aggarwal

Tragedy

यह बुरा व्यवहार था

यह बुरा व्यवहार था

1 min
342

कहना 

मुझे था पर 

दूसरे का नाम 

लेकर 

तुम तक मैंने 

अपनी बात पहुंचाई 

दिल में 

नफरत का कीचड़ 

भरा था 


तुम पर छींटे मारकर 

मैंने अपने मन की 

भड़ास निकाली 

दूसरे की जान फंसाई

तुमने जो सच्चाई जानने की 

फिर कोशिश करी 

तो यह सब झूठ था पर 

झगड़े में सिर फूटने की नौबत 

आई 


बात चाहे इसने कही या 

उसने कही 

लेकिन बात में 

कड़वाहट थी

नफरत थी

बेरुखी थी 


यह बुरा व्यवहार था 

इसमें जिसने यह बात कही 

उसी व्यक्ति के व्यक्तित्व के 

एक बुरे पहलू की झलक थी 

बात दिल तोड़ने वाली थी 

किसी का हौसला बढ़ाने वाली 

बिल्कुल नहीं थी।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy