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vasundhara swarup

Drama

0.9  

vasundhara swarup

Drama

ये बारिश

ये बारिश

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ये बारिश

ये सर्द हवाएँ

मुझे यूँ छेड़ जाए,


जैसे कोई

प्यार से मुझे

नींद से जगाए।


हर झोंका

यादों की सौगात

ऐसी ले आए,


जैसे कोई

बिन बोले

दिल की बात समझ जाए।


हर बूँद

ज़िन्दा होने का

ऐसे एहसास कराए,


जैसे कोई

आँखों में

एक सपना दे जाए।


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