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Shruti Bawankar

Abstract

3  

Shruti Bawankar

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यारीदोस्ती

यारीदोस्ती

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जब मन उदास हो

बेबस और लाचार हो

जीने की ना आस हो

जग सारा दुश्मन लागे

कोई ना आए मदद को आगे

तो ........

अपने शैतान दोस्तों को याद करो

तुम्हारे हाल ए दिल का

बाजार बना देंगे

तुम्हारी लाचारी का

अचार बना देंगे

तुम्हारी उदासी का

मजाक बना देंगे

तुम्हारे घर को

चिडिया घर बना देंगे।



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