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Shruti Bawankar

Abstract

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Shruti Bawankar

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दोस्ती

दोस्ती

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दोस्ती एक हसीन रिश्ता है

कुदरत का नायाब तोहफा है


चिढाते इतराते बडा सताते हैं

पर खफा हो तो यही हँसलाते है


खून के रिश्ते कभी

खून के आँसू रुलाते हैं


पर ये बेगाने फरिश्ते

जख्मों पर मरहम बन जाते हैं

ऐसे दोस्त नसीबों वाले ही पाते हैं।


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