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Anumeha Rao

Abstract

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Anumeha Rao

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यार

यार

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मेरी खामोशी,

दूर भगाते हो,

उदास से चेहरे पर,

मुस्कान लाते हो,

ज़रा सी बात नहीं,

हैं बहुत बड़ी,

जो चुटकी बजाते कर जाते हो,

उलझन मेरी,

पल भर में मिटाते हो,

परेशानी की छुट्टी,

एक क्षण में कर देते हो,

कौन सी छड़ी है ऐसी?

जो मुझपे चलाते हो,

गम को मेरे,

खुशी बनाते हो,

शैतानी अपनी,

मुझ पे आजमाते हो,

शरारतों से,

मेरी थकान भगाते हो,

बताओ ना,

कौन सा राज़ है,

जो मुझसे छुपाते हो



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